
प्रसिद्ध कथा वाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज की ओर से लड़कियों की शादी की उम्र और महिलाओं को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान के विरोध में वृंदावन में ब्रज धर्माचार्य परिषद एवं सनातनी हिंदू संगठनों की ओर से गुरुवार को चेतावनी सभा आयोजित की गई। कैलाश नगर में मौजूद कार्यक्रम स्थल पर ब्रज के अनेक प्रमुख साधु-संत,धर्माचार्य और हिंदूवादी नेता यहां पर उपस्थित हुए।
सभा की अगुवाई कर रहे हिंदूवादी नेता दिनेश फलाहारी का कहना है कि अनिरुद्धाचार्य महाराज के बयान से महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंची है। ब्रज के धर्माचार्य इसका पुरजोर विरोध करते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि व्यास पीठ से दिए गए ऐसे आपत्तिजनक वक्तव्यों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा
सभा में उपस्थित धर्माचार्यों और संतों ने सर्वसम्मति से महाराज से माफी मांगने की मांग की और चेतावनी दी कि अगर उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी तो उनके खिलाफ व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा। सभा के अंत में प्रस्ताव पारित किया गया की 11 सदस्य लोगों की एक कमेटी बनायीं गई है। ये इनसे बात करेंगे। इसके साथ ही अनिरुद्धाचार्य महाराज को चेतावनी दी गई कि वे सार्वजनिक मंच से महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ न करें, अन्यथा कानूनी व सामाजिक कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
किस लिए हो रहा विरोध?
अनिरुद्धाचार्य ने हाल ही में एक धार्मिक आयोजन के दौरान कहा था कि ‘ 25 साल की कुछ अविवाहित लड़कियों का चरित्र ठीक नहीं होता। इनकी 14 साल की उम्र में शादी कर देनी चाहिए। इस बयान से महिलाओं और समाज में आक्रोश है। मथुरा बार एसोसिएशन की महिला वकीलों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना हो रही है। हालांकि विरोध के बाद अनिरुद्धाचार्य ने माफी मांगी है। उन्होंने दावा किया कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर सामने रखा गया।