Washington Sundar Selection : अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए वॉशिंगटन सुंदर एक बार फिर टीम इंडिया का हिस्सा हैं। लेकिन उनके हालिया प्रदर्शन को देखें तो सवाल उठना स्वाभाविक है। पिछले 5 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में सुंदर एक भी विकेट नहीं ले सके हैं। गेंदबाजी में उनकी इकोनॉमी 10 से ऊपर रही है, जबकि बल्लेबाजी में भी उनका योगदान बेहद सीमित नजर आया है।
गेंद से नहीं मिला असर
हाल के 5 मैचों में सुंदर ने कुल 12 ओवर फेंके और 121 रन खर्च कर दिए। इस दौरान उनके खाते में एक भी विकेट नहीं आया। इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर भी उनकी गेंदबाजी प्रभाव नहीं छोड़ सकी। कई मौकों पर विरोधी बल्लेबाजों ने उनके ओवरों में खुलकर रन बनाए, जिससे उनकी भूमिका पर सवाल खड़े हुए हैं।
बल्ले से भी नहीं मिला योगदान
टी20 क्रिकेट में निचले क्रम के बल्लेबाज से तेजी से रन बनाने की उम्मीद की जाती है। लेकिन सुंदर हालिया मुकाबलों में यह जिम्मेदारी भी निभाते नहीं दिखे। पिछले कुछ मैचों में उनके बल्ले से 5, 9 और 11 रन जैसी छोटी पारियां ही निकली हैं। ऐसे में टीम को उनसे जिस फिनिशर की उम्मीद होती है, वह पूरी होती नहीं दिख रही।
कप्तानों का भरोसा क्यों कम दिखा?
वॉशिंगटन सुंदर की हालिया गेंदबाजी पर नजर डालें तो ऐसा लगता है कि कप्तान भी उन्हें पूरा कोटा देने से बचते रहे हैं। पिछले 10 मुकाबलों में सिर्फ दो बार ही उन्होंने पूरे 4 ओवर डाले। कई मैचों में उन्हें सिर्फ एक ओवर ही फेंकने का मौका मिला। यह संकेत देता है कि टीम प्रबंधन भी उनकी गेंदबाजी को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं दिखा।
फिर भी चयन की वजह क्या?
सुंदर की सबसे बड़ी ताकत उनकी बहुआयामी क्षमता मानी जाती है। वह बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में योगदान देने की क्षमता रखते हैं। टीम प्रबंधन उन्हें एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में देखता है जो परिस्थितियों के अनुसार कई भूमिकाएं निभा सकता है। यही कारण है कि खराब आंकड़ों के बावजूद चयनकर्ताओं का भरोसा उन पर बना हुआ है।
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अफगानिस्तान सीरीज में बड़ी परीक्षा
अब अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज वॉशिंगटन सुंदर के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगी। टीम इंडिया के पास अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, वरुण चक्रवर्ती और वॉशिंगटन सुंदर जैसे कई स्पिन विकल्प मौजूद हैं। ऐसे में यदि सुंदर को अंतिम एकादश में मौका मिलता है, तो उन पर प्रदर्शन का दबाव भी सबसे ज्यादा रहेगा। उनके लिए यह सीरीज आलोचकों को जवाब देने और टीम में अपनी जगह मजबूत करने का अहम अवसर साबित हो सकती है।