जॉर्डन के करक स्थित एक चर्च पर हुई गोलीबारी की भारत ने कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि देश इस दुख की घड़ी में जॉर्डन के साथ खड़ा है। विदेश मंत्री ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में कहा, "कल जॉर्डन के करक में एक चर्च पर हुए जघन्य हमले से हमें गहरा आघात लगा है। इस दुखद घटना में कई निर्दोषों की जान चली गई और कई घायल हो गए। हम पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।"
मित्रवत लोगों के साथ मजबूती से खड़ा
आतंकवाद के विरुद्ध भारत की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए उन्होंने आगे लिखा, "इस कठिन घड़ी में, भारत जॉर्डन के हशमाइट साम्राज्य की सरकार और वहां के मित्रवत लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। हम आतंकवाद को किसी भी रूप और प्रकार को स्वीकार नहीं करते। हम आतंक विरोधी रुख को लेकर अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को भी दोहराते हैं। वहीं, विदेश मंत्रालय (एमईए) ने भी शनिवार को एक बयान जारी कर इसे जघन्य हमला करार दिया है।
निर्दोष लोगों की जान चली गई
एमईए ने कहा कि भारत 23 अक्टूबर 2026 को जॉर्डन के करक स्थित चर्च पर हुए जघन्य हमले की कड़ी निंदा करता है। इस हमले में कई निर्दोष लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। पीड़ितों के प्रति संवेदना जाहिर करते हुए आगे लिखा," हम पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और इस कायरतापूर्ण हमले में घायल हुए लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।"
आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा
बयान के अनुसार, इस कठिन घड़ी में, भारत जॉर्डन के हशमाइट (जॉर्डन) साम्राज्य की सरकार और वहां के मित्रवत लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। हम आतंकवाद के सभी रूपों और प्रकारों की निंदा करते हैं और इस लड़ाई में अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को भी दोहराते हैं। शुक्रवार को जॉर्डन के एक चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान बंदूकधारियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें सात की मौत हो गई और 40 अन्य घायल हो गए थे। जॉर्डन के स्वास्थ्य मंत्री इब्राहिम अल-बुदौर ने बताया कि घायलों में से दो की हालत गंभीर है। गोलीबारी राजधानी अम्मान से लगभग 180 किमी (110 मील) दक्षिण में स्थित करक के एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में हुई।