राजस्थान में सर्दी के बीच बदला मौसम का रुख : राजस्थान में जनवरी के मध्य में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। जहां पिछले कुछ दिनों से राज्य के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा देखने को मिल रहा था, वहीं अब पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार 19 और 20 जनवरी को प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस बदलाव से एक ओर जहां किसानों को राहत मिल सकती है, वहीं दूसरी ओर ठंड और बढ़ने के आसार भी जताए जा रहे हैं। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने से शीतलहर का प्रभाव और तेज हो सकता है.
19 और 20 जनवरी को इन इलाकों में हो सकती है बारिश
मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार 19 और 20 जनवरी को राजस्थान के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। जयपुर, अजमेर, कोटा, भीलवाड़ा, टोंक, बूंदी, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर जैसे जिलों में बादल छाए रहने के साथ कहीं-कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान आसमान में घने बादल छाए रहने से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। बारिश का यह दौर रबी फसलों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, लेकिन खुले में काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
8 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी
बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने राजस्थान के 8 जिलों में शीतलहर का अलर्ट भी जारी किया है। इनमें श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, बीकानेर, नागौर और अलवर शामिल हैं। इन जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे जा सकता है। रात और सुबह के समय सर्द हवाएं चलने से ठंड का असर और ज्यादा महसूस होगा। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
कोहरा और ठंडी हवाएं बढ़ाएंगी परेशानी
मौसम में हो रहे इस बदलाव का असर प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा. बारिश के बाद सुबह और रात के समय घना कोहरा छाने की संभावना है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। खासकर उत्तर राजस्थान के इलाकों में दृश्यता कम रहने की आशंका है। ठंडी हवाओं की गति बढ़ने से ठंड और ज्यादा चुभने वाली हो सकती है। वाहन चालकों को सावधानी बरतने और धीमी गति से वाहन चलाने की सलाह दी जा रही है.
किसानों और आम लोगों के लिए क्या है सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम को ध्यान में रखते हुए अपनी कृषि गतिविधियों की योजना बनाएं। बारिश के कारण खेतों में नमी बढ़ेगी, जो गेहूं और सरसों की फसलों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। वहीं आम लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और अलाव या हीटर का सुरक्षित उपयोग करने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में मौसम और भी ठंडा हो सकता है, ऐसे में सतर्कता ही बचाव है.