बसंत पंचमी को आमतौर पर ऋतु परिवर्तन और हल्की गर्माहट की शुरुआत का संकेत माना जाता है, लेकिन इस बार त्योहार के आसपास मौसम ने अलग ही रंग दिखाया। उत्तर भारत के कई हिस्सों में अचानक बारिश देखने को मिली, वहीं कश्मीर घाटी में बर्फबारी ने ठंड को फिर से बढ़ा दिया। मौसम के इस बदले मिजाज का असर आम जनजीवन के साथ-साथ यातायात और हवाई सेवाओं पर भी साफ नजर आया।
उत्तर भारत में बारिश से बदला माहौल
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कुछ इलाकों में बसंत पंचमी के समय हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। जहां एक ओर बारिश से प्रदूषण में थोड़ी राहत मिली, वहीं दूसरी ओर ठंड बढ़ने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। खुले में होने वाले बसंत पंचमी के आयोजन और पतंगबाजी पर भी बारिश का असर देखा गया।
कश्मीर में बर्फबारी से बढ़ी ठंड
कश्मीर घाटी में इस दौरान ताजा बर्फबारी ने एक बार फिर सर्दी का अहसास तेज कर दिया। पहाड़ी इलाकों में बर्फ की मोटी परत जमने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बर्फबारी के चलते कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों का संपर्क अस्थायी रूप से बाधित हुआ, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
हवाई और सड़क यातायात पर असर
मौसम खराब होने का सीधा असर फ्लाइट्स पर भी पड़ा। उत्तर भारत के कुछ हवाई अड्डों पर उड़ानों में देरी और रूट में बदलाव की स्थिति बनी रही। कश्मीर जाने वाली और वहां से आने वाली उड़ानों पर भी बर्फबारी का प्रभाव देखा गया। इसके अलावा पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ने से वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी।
किसानों और आम लोगों पर प्रभाव
मौसम में इस अचानक बदलाव का असर खेती पर भी पड़ा है। कुछ क्षेत्रों में बारिश रबी फसलों के लिए लाभकारी मानी जा रही है, जबकि ज्यादा नमी से नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है। आम लोगों के लिए यह मौसम जहां एक ओर राहत और सुंदर नजारों का कारण बना, वहीं दूसरी ओर यात्रा और रोजमर्रा के कामों में दिक्कतें भी लेकर आया।