Weather : बंगाल की खाड़ी में मौसम फिर सक्रिय हो गया है। दक्षिण बंगाल की खाड़ी, यानी अंडमान सागर के पास, एक निम्न दाब क्षेत्र बन रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह लो-प्रेशर अगले हफ्ते की शुरुआत तक चक्रवात का रूप ले सकता है। इसके असर से अंडमान-निकोबार के साथ आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, माहे, तेलंगाना, कर्नाटक के कुछ इलाकों और ओडिशा में भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
उत्तर भारत की ठंड पर मौसम विभाग की चेतावनी
विभाग के अनुसार उत्तरी भारत के मैदानी हिस्सों में अब तक कड़ाके की ठंड महसूस नहीं की गई है। नवंबर की शुरुआत में हल्की ठंड जरूर पड़ी, लेकिन वह कुछ ही दिनों में कम हो गई। इस हफ्ते की शुरुवात में पूर्वी राजस्थान में तापमान थोड़ा गिरा था, मगर अब वहां भी पारा दो अंकों में लौट आया है।
लो-प्रेशर पर मौसम विभाग का अपडेट
बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा यह सिस्टम अगले हफ्ते के शुरुआती दिनों में चक्रवात में बदल सकता है। अनुमान है कि चक्रवात बनने के बाद यह 26 या 27 नवंबर को पूर्वी तट से टकरा सकता है। यदि इसका रुझान तमिलनाडु या तटीय आंध्र प्रदेश की ओर रहा, तो दक्षिण भारत में अच्छी बारिश होने की संभावना है। हालांकि, स्काईमेट वेदर ने इसकी संभावना कम बताई है। विभाग को चिंता है कि यदि यह चक्रवात मुड़कर पश्चिम बंगाल या बांग्लादेश की ओर बढ़ गया, तो इसके सक्रिय रहने के दौरान दक्षिण भारत सूखा रह सकता है।
गंभीर चक्रवात की आशंका
पिछले 48 घंटों में दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई। वहीं, मौजूदा साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण अगले तीन दिनों में तमिलनाडु और केरल के कई अंदरूनी भागों में हल्की वर्षा और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। अगले 24 घंटों में दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में निम्न दाब क्षेत्र बनने की संभावना प्रबल है। यह सिस्टम काफी ताकतवर दिखाई दे रहा है और अगले हफ्ते की आरंभ तक चक्रवात का रूप ले सकता है। आम तौर पर इस मौसम में बनने वाले ऐसे सिस्टम तेज गति से गंभीर चक्रवात में तब्दील हो जाते हैं।