IMD Alert : जन्माष्टमी से पहले देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार और पहाड़ी राज्यों तक बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने 3 सितंबर को कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।
दिल्ली-एनसीआर में फिर बारिश का दौर
दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार को मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। राजधानी के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग ने आंधी और तेज हवाओं को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में भी कुछ इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को जलभराव और ट्रैफिक की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
यूपी के इन जिलों में बारिश की चेतावनी
उत्तर प्रदेश में भी मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। औरैया, बांदा, चित्रकूट, इटावा, फतेहपुर, हमीरपुर, जालौन, झांसी, कानपुर देहात, कानपुर नगर, महोबा, सीतापुर और उन्नाव समेत कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर अगले कुछ घंटों के दौरान तेज बौछारों के साथ गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। प्रदेश के कई हिस्सों में पहले से ही बारिश के कारण नदियों और निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ा हुआ है।
17 राज्यों में आंधी-बारिश का असर
मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश और दिल्ली के अलावा बिहार, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, गुजरात, महाराष्ट्र, त्रिपुरा, असम और केरल में भी बारिश और आंधी की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। पूर्वी और पहाड़ी राज्यों में बिजली गिरने तथा कुछ पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। उत्तराखंड में 3 से 5 सितंबर तक भारी बारिश के साथ गरज-चमक को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बढ़ी बारिश की गतिविधि
मौसम में इस बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव वाले क्षेत्र का प्रभाव भी बताया जा रहा है। इसके चलते पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में नमी बढ़ी है और बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। हालांकि सितंबर में देशभर में कुल बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है, लेकिन अलग-अलग क्षेत्रों में कुछ दिनों के दौरान तेज बारिश के दौर बन सकते हैं। इसलिए स्थानीय स्तर पर मौसम संबंधी चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
जन्माष्टमी के दौरान बरतें सावधानी
जन्माष्टमी के मौके पर बड़ी संख्या में लोग मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर पहुंचते हैं। ऐसे में बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देख लें। खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना बेहतर रहेगा। वाहन चालकों को जलभराव वाले रास्तों पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय एडवाइजरी और मौसम विभाग के अलर्ट का पालन करना इस दौरान सबसे सुरक्षित कदम होगा।