Weather Update: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया है। सुबह के समय राजधानी के कई इलाकों में हल्का कोहरा और धुंध दिखाई दी, जिससे आसमान में धुंधली चादर छाई रही। दूसरी ओर, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के बेहद खराब से गंभीर श्रेणी में पहुंचने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई स्थानों पर प्रदूषण का स्तर 400 के पार दर्ज किया गया। सुबह की सैर करने वालों, बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए हालात विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। मौसम में बदलाव और प्रदूषक तत्वों के वातावरण में जमा होने से राजधानी की हवा की गुणवत्ता पर लगातार दबाव बना हुआ है।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा प्रदूषण, 450 के पार पहुंचा AQI
प्रदूषण की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बुधवार शाम दिल्ली के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 400 से ऊपर पहुंच गया था। आईआईटी दिल्ली में यह 455, जहांगीरपुरी में 449, पंजाबी बाग में 446 और मुंडका में 439 दर्ज किया गया। वहीं विवेक विहार में 436, रोहिणी में 432, अलीपुर और नरेला में 429 तथा आईटीओ में 414 का स्तर रिकॉर्ड किया गया। दिल्ली से सटे नोएडा के सेक्टर-62 में भी AQI 425 तक पहुंच गया। ये आंकड़े बताते हैं कि प्रदूषण की समस्या केवल राजधानी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे एनसीआर को प्रभावित कर रही है।
पराली का धुआं और मौसम की स्थिति बढ़ा रही परेशानी
दिल्ली की हवा बिगड़ने के पीछे स्थानीय प्रदूषण के साथ-साथ आसपास के राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं भी एक बड़ी वजह बनी हुई हैं। भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को दिल्ली के PM2.5 प्रदूषण में पराली जलाने की हिस्सेदारी लगभग 16.28 प्रतिशत रही। वहीं वाहनों से होने वाला प्रदूषण भी प्रमुख कारणों में शामिल रहा। सुबह के समय हल्का कोहरा और हवा की गति में कमी प्रदूषक कणों को वातावरण में जमा रहने का मौका देती है। इसके चलते धुंध की मोटी परत दिखाई देती है और लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
अगले दो दिनों में और बिगड़ सकती है हवा की गुणवत्ता
वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के पूर्वानुमान के मुताबिक, 5 नवंबर को भी दिल्ली की हवा बेहद खराब श्रेणी में रहने की आशंका है। इसके बाद 6 और 7 नवंबर को प्रदूषण गंभीर श्रेणी में पहुंच सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में राजधानी के लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। प्रशासन की ओर से प्रदूषण नियंत्रण के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल राहत के संकेत सीमित हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग सुबह और शाम खुले में व्यायाम करने से बचें, जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करें और आंखों में जलन या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।