Weather Update: उत्तर भारत में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। यूपी-बिहार के आसपास बने मौसम तंत्र और सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों के चलते मैदानों से लेकर पहाड़ी इलाकों तक बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। 20 अगस्त के आसपास बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।
यूपी-बिहार में बढ़ेगी बारिश की गतिविधि
उत्तर प्रदेश और बिहार में अगले कुछ दिनों के दौरान मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार बिहार में 20 से 25 अगस्त के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है। उत्तर प्रदेश में भी व्यापक बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
मैदान ही नहीं, पहाड़ों पर भी बरसेंगे बादल
मौसम का असर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में भी दिखाई देगा। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में कई स्थानों पर बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बाधित होने और पहाड़ी नदियों-नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा बढ़ सकता है। यात्रियों और पर्यटकों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
आंधी, बिजली और तेज हवाओं से भी सावधान
बारिश के साथ कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे पेड़ या कमजोर ढांचे क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। खुले मैदान, खेत या जलाशयों के आसपास मौजूद लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए और संभव हो तो सुरक्षित पक्के स्थान पर रहना चाहिए।
किसानों और आम लोगों के लिए जरूरी सावधानी
लगातार बारिश से खेतों में खड़ी फसलों पर असर पड़ सकता है, वहीं शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। स्थानीय प्रशासन को निचले इलाकों, जलभराव वाले क्षेत्रों और संवेदनशील सड़कों पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत है। आम लोगों को मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए और तेज बारिश या आंधी के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। मानसून की यह सक्रियता आने वाले दिनों में उत्तर भारत के मौसम को और प्रभावित कर सकती है।