Middle East Tensios: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों को राहत देते हुए कहा है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। सरकार ने स्पष्ट किया कि घबराने की जरूरत नहीं है और सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से ही मजबूत की गई हैं। ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री संचालन और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई स्तरों पर तैयारी की गई है, जिससे किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
सरकार की सख्त नजर
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। होर्मुज स्ट्रेट के आसपास के हालात पर नजर रखते हुए आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं। सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल व तैयार उत्पादों का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
अफवाहों से बचने की अपील
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर पेट्रोल-डीजल या एलपीजी की अतिरिक्त खरीद न करें। उपभोक्ताओं को डिजिटल माध्यम से गैस बुकिंग करने और जरूरत न होने पर डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही PNG, इंडक्शन और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे वैकल्पिक साधनों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कड़ी कार्रवाई
सरकार जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती से नजर रखे हुए है। विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर 50,000 से ज्यादा एलपीजी सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं। एलपीजी डिलीवरी सिस्टम को और पारदर्शी बनाने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) लागू किया गया है, जिससे सही उपभोक्ता तक ही गैस पहुंच सके।
नागरिकों की सुरक्षा और बड़े अपडेट
विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भी सरकार सतर्क है। हाल ही में ईरान में फंसे 345 भारतीय मछुआरों को सुरक्षित वापस लाया गया। विदेश मंत्रालय लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। साथ ही, देशभर में पोर्ट ऑपरेशन सामान्य हैं और उड़ानों की स्थिति भी धीरे-धीरे बेहतर हो रही है, जिससे अब तक लाखों भारतीय सुरक्षित वापस लौट चुके हैं।