पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच Bharatiya Janata Party ने अपनी चौथी उम्मीदवार सूची जारी कर दी है, जिसमें 13 नए चेहरों को मौका दिया गया है। खास बात यह है कि पार्टी ने पहले घोषित उम्मीदवारों में भी बदलाव करते हुए मैनागुड़ी सीट पर नया प्रत्याशी उतारा है। इस रणनीति को चुनावी समीकरण साधने की बड़ी कोशिश माना जा रहा है।
मैनागुड़ी सीट पर बदला उम्मीदवार
भाजपा ने अपनी दूसरी सूची में घोषित उम्मीदवार को बदलते हुए मैनागुड़ी (SC) सीट से दालिम रॉय को नया प्रत्याशी बनाया है। यह बदलाव स्थानीय समीकरणों और फीडबैक के आधार पर किया गया माना जा रहा है। पार्टी इस सीट पर जीत सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर रणनीतिक बदलाव करती दिख रही है।
इन सीटों पर नए उम्मीदवारों की घोषणा
चौथी सूची में कई अहम सीटों पर नए चेहरों को मौका दिया गया है। सिताई से आशुतोष वर्मा, नाटाबाड़ी से गिरिजा शंकर रॉय, बागदा से सोमा ठाकुर, मगराहाट पूर्व से उत्तम कुमार बनिक और फालटा से देबांगशु पांडा को टिकट दिया गया है। इसके अलावा सोनारपुर उत्तर, हावड़ा दक्षिण, पंचला, चंडीपुर, गारबेटा, मेमारी और बाराबनी सीटों पर भी उम्मीदवार घोषित किए गए हैं।
सोमा ठाकुर को मिला बड़ा मौका
केंद्रीय राज्य मंत्री Shantanu Thakur की पत्नी सोमा ठाकुर को बागदा सीट से चुनावी मैदान में उतारा गया है। उनके नाम को लेकर पार्टी में काफी चर्चा रही और अब उन्हें टिकट देकर भाजपा ने सामाजिक समीकरणों को साधने का प्रयास किया है।
दल बदलकर आए नेताओं को भी मौका
हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए संतोष पाठक को भी पार्टी ने कोलकाता की चौरंगी सीट से उम्मीदवार बनाया है। इससे साफ है कि भाजपा नए और प्रभावशाली चेहरों को जोड़कर चुनावी मुकाबले को मजबूत करना चाहती है।
रणनीति के पीछे क्या संकेत?
भाजपा की यह सूची साफ संकेत देती है कि पार्टी इस बार पश्चिम बंगाल में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। उम्मीदवारों के चयन में सामाजिक संतुलन, स्थानीय प्रभाव और जीत की संभावना को प्राथमिकता दी गई है। मैनागुड़ी जैसी सीट पर बदलाव बताता है कि पार्टी हर सीट को लेकर गंभीर है और जीत के लिए रणनीति में लचीलापन अपना रही है।