पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है और राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। 294 सीटों के लिए मतदान दो चरणों में होगा, पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा 29 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 4 मई को नतीजे घोषित होंगे। जैसे-जैसे चुनाव करीब आ रहे हैं, सभी दल अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं।
मुख्य मुकाबला किनके बीच
इस बार चुनावी लड़ाई का केंद्र तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच है। इसके अलावा कांग्रेस, लेफ्ट और अन्य दल भी मैदान में हैं, लेकिन सीधी टक्कर टीएमसी और भाजपा के बीच ही मानी जा रही है। राज्य में बहुमत के लिए 148 सीटों का आंकड़ा पार करना जरूरी है, जिससे मुकाबला और रोमांचक हो गया है।
ओपिनियन पोल के आंकड़े क्या कहते हैं
Matrize के ओपिनियन पोल के अनुसार इस बार चुनाव में कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। टीएमसी को 140 से 160 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा 130 से 150 सीटों के बीच रह सकती है। अन्य दलों को 8 से 16 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। वोट शेयर की बात करें तो टीएमसी को 43%, भाजपा को 41% और अन्य दलों को 16% वोट मिलने का अनुमान है।
क्षेत्रवार तस्वीर भी दिलचस्प
अगर क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो नॉर्थ बंगाल में भाजपा बढ़त बनाती दिख रही है, जहां उसे 30 से 33 सीटें मिल सकती हैं, जबकि टीएमसी 17 से 20 सीटों पर सिमट सकती है। वहीं बर्धमान-बीरभूम क्षेत्र में टीएमसी मजबूत नजर आ रही है और यहां 37 से 40 सीटों का अनुमान है। साउथ बंगाल में भी टीएमसी बढ़त बनाए हुए है, जहां उसे 95 से 100 सीटें मिल सकती हैं।
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कौन बनाएगा सरकार
ओपिनियन पोल के मुताबिक इस बार मुकाबला बेहद करीबी रहने वाला है और किसी भी पार्टी को स्पष्ट बढ़त मिलना मुश्किल दिख रहा है। हालांकि टीएमसी को हल्की बढ़त मिलती नजर आ रही है, लेकिन भाजपा भी बेहद करीब है। ऐसे में छोटे दलों की भूमिका सरकार बनाने में अहम हो सकती है।
अंतिम नतीजों पर सबकी नजर
फिलहाल ये आंकड़े सिर्फ अनुमान हैं, असली तस्वीर 4 मई को सामने आएगी। चुनावी माहौल में हर दिन समीकरण बदल रहे हैं, जिससे यह चुनाव और ज्यादा दिलचस्प बन गया है। अब देखना होगा कि जनता किसे अपना समर्थन देती है और बंगाल की सत्ता किसके हाथ में जाती है।