पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। एग्जिट पोल में भाजपा के पक्ष में संकेत मिलने के बाद पार्टी ने अपनी तैयारियां और तेज कर दी हैं। 4 मई को आने वाले परिणामों से पहले 2 मई को कोलकाता में एक अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें शीर्ष नेतृत्व शामिल होगा। इस बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में खासा उत्साह और चर्चा बनी हुई है।
एग्जिट पोल में बीजेपी को बढ़त के संकेत
पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के चुनावों के एग्जिट पोल सामने आ चुके हैं। इनमें से अधिकांश सर्वे में पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने की संभावना जताई गई है। 8 में से 6 एजेंसियों ने भाजपा को बढ़त देते हुए सरकार बनने का अनुमान लगाया है, जिससे पार्टी का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है।
2 मई को कोलकाता में जुटेगा बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व
चुनाव परिणाम से पहले भाजपा ने 2 मई को कोलकाता में एक बड़ी बैठक बुलाई है। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेता और कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा चुनाव के दौरान तैनात किए गए प्रवासी नेता, सांसद और विधायक भी बैठक में भाग लेंगे।
नेताओं का दावा- बंगाल में बनेगी भाजपा सरकार
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने लगातार बंगाल में सरकार बनाने का दावा किया है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जनता ने भाजपा के पक्ष में स्पष्ट जनादेश दिया है और पार्टी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने असम और पुडुचेरी में भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई।
दो-तिहाई बहुमत का भरोसा जता रहे नेता
भाजपा नेता राम कृपाल यादव ने भी विश्वास जताया कि पार्टी पश्चिम बंगाल में दो-तिहाई बहुमत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य की मौजूदा सरकार की वापसी नहीं होगी और जनता बदलाव के पक्ष में मतदान कर चुकी है। उनके मुताबिक, परिणाम भाजपा के पक्ष में जाएंगे।
नतीजों से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
चुनाव परिणाम से पहले सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीतियों में जुटे हैं। खासकर पश्चिम बंगाल में माहौल काफी गर्म है और सभी की नजरें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। इस बीच भाजपा की बैठक को परिणामों से पहले की अहम रणनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।