पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले आए ताजा ओपिनियन सर्वे ने राज्य की सियासत में नया मोड़ ला दिया है। एक ओर जहां ममता बनर्जी की पार्टी को सत्ता में वापसी मिलती दिख रही है, वहीं भारतीय जनता पार्टी पहले से ज्यादा मजबूत नजर आ रही है। इस सर्वे ने साफ कर दिया है कि इस बार मुकाबला दिलचस्प होने वाला है और सीटों का गणित पहले से बदल सकता है।
TMC की वापसी तय, लेकिन घट सकती हैं सीटें
ताजा सर्वे के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस को 294 सदस्यीय विधानसभा में 174 से 184 सीटें मिल सकती हैं। बहुमत का आंकड़ा 148 है, ऐसे में पार्टी को सरकार बनाने में कोई दिक्कत नहीं दिख रही। हालांकि 2021 के मुकाबले सीटों में गिरावट का अनुमान जताया गया है, जो पार्टी के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
BJP की बढ़ती ताकत, विपक्ष होगा मजबूत
दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पार्टी को इस बार 108 से 118 सीटें मिलने का अनुमान है। यह आंकड़ा पिछले सर्वे से ज्यादा है, जिससे साफ है कि BJP राज्य में एक मजबूत विपक्ष के रूप में उभर सकती है और सियासी संतुलन बदल सकती है।
कांग्रेस-लेफ्ट का कमजोर प्रदर्शन
सर्वे में कांग्रेस और वाम दलों की स्थिति बेहद कमजोर बताई गई है। उन्हें केवल 0 से 4 सीटें मिलने का अनुमान है। इससे संकेत मिलता है कि इस चुनाव में मुकाबला मुख्य रूप से TMC और BJP के बीच ही सिमट सकता है।
रोजगार और विकास बने सबसे बड़े मुद्दे
जनता के बीच सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार और विकास बताया गया है। करीब 35% लोगों ने इसे प्राथमिकता दी है। इसके अलावा कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और महंगाई भी अहम मुद्दे बने हुए हैं। युवाओं के लिए योजनाओं को लेकर भी मिश्रित प्रतिक्रिया सामने आई है।
CM चेहरे में ममता सबसे आगे
मुख्यमंत्री पद के लिए ममता बनर्जी अब भी सबसे पसंदीदा चेहरा बनी हुई हैं। उन्हें 46.4% लोगों का समर्थन मिला है। वहीं सुवेंदु अधिकारी को 34.9% समर्थन मिला है, जबकि बाकी नेता काफी पीछे हैं। इससे साफ है कि नेतृत्व के मामले में TMC की स्थिति मजबूत बनी हुई है।