पश्चिम बंगाल सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि राज्य में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन लागू किया जाएगा। इसके साथ ही 1.36 करोड़ से अधिक परिवारों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने की तैयारी की जा रही है। इससे लाखों लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
केंद्र से मिला बड़ा फंड
मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए केंद्र सरकार ने 2103 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसमें से 527 करोड़ रुपये की पहली किस्त राज्य को मिल चुकी है। इस राशि का उपयोग अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा ताकि लोगों को अधिक सुविधाएं मिल सकें।
5 लाख तक मुफ्त इलाज
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध होगी। सरकार का कहना है कि राज्य के बाहर काम करने वाले प्रवासी श्रमिक भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
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दवाएं होंगी सस्ती
सरकार ने घोषणा की है कि राज्यभर में 467 प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र खोले जाएंगे। यहां लोगों को कम कीमत पर दवाएं मिलेंगी। गंभीर बीमारियों, खासकर कैंसर की दवाओं पर भी सब्सिडी देने की योजना बनाई गई है। इससे मरीजों का इलाज खर्च काफी कम हो सकता है।
नए मेडिकल कॉलेज भी बनेंगे
स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करने के लिए अलीपुरद्वार, कलिम्पोंग, दक्षिण दिनाजपुर और पश्चिम बर्द्धमान में नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले के लोगों को बेहतर चिकित्सा और मेडिकल शिक्षा की सुविधा मिल सके।
निजी अस्पतालों पर भी नया नियम
सरकार ने उन निजी अस्पतालों के लिए नया नियम बनाया है जिन्हें रियायती दर पर जमीन दी गई थी। ऐसे अस्पतालों को आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए 15 प्रतिशत बिस्तर आरक्षित रखने होंगे। जरूरत पड़ने पर सरकारी अस्पतालों से भेजे गए मरीजों का मुफ्त इलाज भी करना होगा। सरकार का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और बिचौलियों की भूमिका को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।