पश्चिम बंगाल सरकार की लक्ष्मी भंडार योजना आज राज्य की महिलाओं के लिए सबसे भरोसेमंद आर्थिक सहारा बन चुकी है। इस योजना की शुरुआत मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से की थी। धीरे-धीरे यह योजना हर घर तक पहुंच गई और आज करोड़ों महिलाएं इससे जुड़ चुकी हैं। सरकार के मुताबिक इस योजना से करीब 2.42 करोड़ महिलाएं हर महीने सीधा फायदा उठा रही हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि योजना की रकम सीधे महिलाओं के बैंक खाते में आती है, जिससे किसी बिचौलिए या भागदौड़ की जरूरत नहीं पड़ती।
महंगाई में राहत क्यों बनी लक्ष्मी भंडार
आज के दौर में बढ़ती महंगाई ने घर का बजट बिगाड़ दिया है। रसोई का खर्च, बच्चों की पढ़ाई, दवाइयां और छोटे-छोटे घरेलू काम महिलाओं के लिए बड़ी चिंता बन जाते हैं। लक्ष्मी भंडार योजना हर महीने तय रकम देकर महिलाओं को इस दबाव से कुछ हद तक राहत देती है। यही वजह है कि यह योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि लाखों महिलाओं के लिए सम्मान और सुरक्षा का जरिया बन गई है।
अब कितने रुपये मिलेंगे हर महीने
2026-27 के अंतरिम बजट में सरकार ने लक्ष्मी भंडार योजना की राशि बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। नई घोषणा के मुताबिक सामान्य वर्ग की महिलाओं को अब हर महीने 1500 रुपये मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को 1700 रुपये दिए जाएंगे। पहले यह राशि क्रमशः 1000 और 1200 रुपये थी। बढ़ी हुई रकम फरवरी 2026 से लागू होगी, जिससे महिलाओं के मासिक खर्च में और मदद मिलेगी।
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कौन महिलाएं ले सकती हैं योजना का लाभ
लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ पाने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। महिला का पश्चिम बंगाल की स्थायी निवासी होना जरूरी है। उम्र 25 से 60 साल के बीच होनी चाहिए। महिला का नाम स्वास्थ्य साथी योजना में दर्ज होना चाहिए। इसके अलावा महिला या उसके परिवार का कोई सदस्य केंद्र या राज्य सरकार की स्थायी नौकरी में नहीं होना चाहिए और न ही किसी तरह की सरकारी पेंशन लेता हो। अगर ये शर्तें पूरी होती हैं, तो महिला इस योजना के लिए पात्र मानी जाती है।
आवेदन की पूरी प्रक्रिया आसान है
इस योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन रखी गई है। ग्रामीण इलाकों में महिलाएं बीडीओ कार्यालय या दुआरे सरकार शिविर से फॉर्म ले सकती हैं। शहरी इलाकों में एसडीओ कार्यालय और कोलकाता नगर निगम क्षेत्र में केएमसी कार्यालय से फॉर्म मिलता है। फॉर्म में मांगी गई जानकारी सावधानी से भरनी होती है और जरूरी दस्तावेजों की स्व-सत्यापित कॉपी लगानी होती है।
कब और कैसे मिलेगा पैसा खाते में
भरा हुआ फॉर्म संबंधित कार्यालय या दुआरे सरकार शिविर में जमा करने के बाद अधिकारियों द्वारा जांच की जाती है। आवेदन सही पाए जाने पर उसे मंजूरी दे दी जाती है। मंजूरी मिलने के बाद हर महीने तय राशि सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है। इसी वजह से लक्ष्मी भंडार योजना महिलाओं के लिए आसान, भरोसेमंद और सम्मानजनक मदद का जरिया बन चुकी है।