पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक और पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में ममता बनर्जी ने कहा कि आशीष बनर्जी के निधन से वह बेहद दुखी और व्यथित हैं। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने कहा, "आशीष बनर्जी के निधन ने मुझे गहरे दुख में डाल दिया है। उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा शिक्षण और समाज सेवा में समर्पित किया। वह हमेशा अपने विनम्र स्वभाव और रामपुरहाट तथा बीरभूम के लोगों से अपने करीबी जुड़ाव के लिए जाने जाते थे।"
भारी मानसिक और भावनात्मक दबाव झेलना पड़ा
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने अंतिम दिनों में आशीष बनर्जी को मानसिक और भावनात्मक तनाव का सामना करना पड़ा, जबकि उनका सार्वजनिक सेवा का लंबा रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने कहा, "इस दुखद घटना को और भी पीड़ादायक यह बनाता है कि अपने अंतिम दिनों में उन्हें भारी मानसिक और भावनात्मक दबाव झेलना पड़ा। पांच बार विधायक, पूर्व उपाध्यक्ष और अध्यक्ष के रूप में आशीष दा ने रामपुरहाट के विकास के लिए खुद को समर्पित कर दिया था और लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए थे। इसके बावजूद उन्हें बार-बार बदनाम किया गया, उन पर झूठे आरोप लगाए गए और लगातार दबाव बनाया गया।"
मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "सार्वजनिक जीवन में लंबे समय तक सेवा देने के बावजूद असीश बनर्जी को जिस तरह की प्रताड़ना और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा, वह हम सभी को राजनीतिक दुश्मनी की मानवीय कीमत पर सोचने के लिए मजबूर करता है। मैं उनके परिवार, प्रियजनों, पूर्व छात्रों और उनके अनगिनत प्रशंसकों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं और प्रार्थनाएं व्यक्त करती हूं। उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी।"
एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया
पुलिस के अनुसार, आशीष बनर्जी रविवार को रामपुरहाट स्थित अपने आवास के एक कमरे में मृत पाए गए, जिसे वह पार्टी कार्यालय के रूप में भी इस्तेमाल करते थे। उनका शव तृणमूल कांग्रेस कार्यालय में फंदे से लटका हुआ मिला। मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है।आशीष बनर्जी बीरभूम जिले की रामपुरहाट विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक थे। बंगाली में लिखे एक पन्ने के हस्तलिखित सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि राजनीति में आना उनकी गलती थी और अपने राजनीतिक जीवन में वह कभी किसी भ्रष्ट गतिविधि में शामिल नहीं रहे।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी
इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है और यह सवाल उठ रहे हैं कि उन्होंने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। यह भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या उन्होंने राजनीतिक दबाव के कारण आत्महत्या की या इसके पीछे कोई और वजह थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आशीष बनर्जी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बरामद सुसाइड नोट वास्तव में आशीष बनर्जी ने ही लिखा था या नहीं।