Weast Bengal : पश्चिम बंगाल में कुछ सड़कों के नाम बदलने को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. राज्य सरकार ने अलग-अलग इलाकों में सड़कों के नाम बदलने की मांगों पर विचार करने के लिए एक कमेटी गठित करने की तैयारी की है. इस पहल के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी बहस शुरू हो गई है.
नाम बदलने की मांगों पर होगा विचार
सरकार की ओर से बनाई जा रही कमेटी के सामने उन सड़कों के नाम बदलने से जुड़ी मांगें रखी जाएंगी, जिनको लेकर लंबे समय से प्रस्ताव दिए जाते रहे हैं। कमेटी इन मांगों पर विचार करने के बाद अपनी रिपोर्ट सरकार के सामने रख सकती है. इसके बाद नाम बदलने को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा.
लेनिन सारणी का नाम बदलने का सुझाव
इसी क्रम में बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कोलकाता की लेनिन सारणी का नाम बदलने का सुझाव दिया है. उन्होंने इसे गणितज्ञ देबप्रसाद घोष के नाम पर रखने की बात कही है। इस प्रस्ताव ने सड़क के नाम को लेकर चल रही चर्चा को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया है.
राजनीतिक बहस भी हुई तेज
सड़कों और सार्वजनिक स्थानों के नाम बदलने का मुद्दा पश्चिम बंगाल में पहले भी राजनीतिक बहस का हिस्सा रहा है. एक पक्ष इसे ऐतिहासिक और स्थानीय व्यक्तित्वों को सम्मान देने की पहल के तौर पर देखता है, जबकि दूसरे पक्ष की ओर से ऐसे फैसलों को लेकर अलग-अलग सवाल उठाए जाते रहे हैं.
अंतिम फैसला सरकार करेगी
फिलहाल कमेटी के स्तर पर अलग-अलग प्रस्तावों की समीक्षा किए जाने की बात सामने आई है. किन सड़कों के नाम बदले जाएंगे और उनके नए नाम क्या होंगे, इसका अंतिम फैसला सरकार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा.