पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में इस बार मतदान ने नया रिकॉर्ड बना दिया। शाम 5 बजे तक करीब 89.93% वोटिंग दर्ज की गई, जो पिछले कई चुनावों से ज्यादा है। दक्षिण दिनाजपुर जिले में सबसे अधिक 93.12% मतदान हुआ, जबकि कालिम्पोंग में सबसे कम 81.98% वोट पड़े। इतनी बड़ी संख्या में लोगों का मतदान केंद्रों तक पहुंचना लोकतंत्र के प्रति लोगों के भरोसे को दिखाता है।
तमिलनाडु में शांतिपूर्ण माहौल
जहां बंगाल में कुछ जगहों से हिंसा की खबरें आईं, वहीं तमिलनाडु में चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। वहां शाम तक 82.24% मतदान दर्ज किया गया। दोनों राज्यों में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, लेकिन माहौल के लिहाज से तमिलनाडु ज्यादा शांत नजर आया।
मुर्शिदाबाद और अन्य इलाकों में हिंसा
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में स्थिति तनावपूर्ण रही। यहां समर्थकों के बीच पत्थरबाजी और झड़प की घटनाएं सामने आईं। नौदा इलाके में एक नेता के पहुंचने के बाद माहौल अचानक बिगड़ गया और टकराव शुरू हो गया। इसके अलावा दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज क्षेत्र में भी एक उम्मीदवार पर हमला होने की खबर आई, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
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नेताओं के तीखे बयान से गरमाया माहौल
चुनाव के दौरान बड़े नेताओं के बयान भी सुर्खियों में रहे। नरेंद्र मोदी ने रैली में कहा कि 4 मई के बाद राज्य में बदलाव दिखेगा और भ्रष्टाचार का हिसाब लिया जाएगा। वहीं अमित शाह ने दावा किया कि उनकी पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी और घुसपैठ पर सख्ती से रोक लगेगी। इन बयानों ने चुनावी माहौल को और ज्यादा गर्म कर दिया है।
लोकतंत्र का उत्साह और चुनौती दोनों
एक तरफ जहां रिकॉर्ड वोटिंग लोकतंत्र की मजबूती का संकेत देती है, वहीं हिंसा की घटनाएं चुनावी प्रक्रिया पर सवाल भी खड़े करती हैं। प्रशासन का कहना है कि हालात पर नजर रखी जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। अब सबकी नजर आने वाले नतीजों पर है, जो यह तय करेंगे कि जनता ने किसे सत्ता की चाबी सौंपी है।