West Bengal SIR dispute: पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े विवाद पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति की नागरिकता तय करना चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। शीर्ष अदालत ने कहा कि चुनाव आयोग की भूमिका केवल मतदाता सूची के नियंत्रण, पर्यवेक्षण और उसके प्रबंधन तक सीमित है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में नाम शामिल न होने या हट जाने मात्र से किसी व्यक्ति की नागरिकता स्वतः समाप्त नहीं हो जाती।
नागरिकता से जुड़े मामलों में मंत्रालय करेगा फैसला
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि यदि किसी सक्षम प्राधिकरण या ट्रिब्यूनल के निर्णय के बाद नागरिकता से जुड़ा प्रश्न उत्पन्न होता है, तो चुनाव आयोग को मामला संबंधित मंत्रालय के पास भेजना होगा। अदालत ने कहा कि नागरिकता का निर्धारण चुनाव आयोग का संवैधानिक दायित्व नहीं है और इस संबंध में कानून की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट है।
कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मामले पर होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई, जिसमें आरोप लगाया गया है कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के बाद कुछ लोगों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), अन्नपूर्णा योजना और अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को निर्धारित की है।
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ट्रिब्यूनलों की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायण ने दलील दी कि अपीलीय ट्रिब्यूनलों के कामकाज में व्यावहारिक कठिनाइयों और देरी के कारण मामलों के निस्तारण पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग ट्रिब्यूनलों की कार्यप्रणाली में असंगतियां होने से प्रभावित लोगों को समय पर राहत नहीं मिल पा रही है।
पहले भी SIR प्रक्रिया पर दे चुका है फैसला
इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर चुका है। अदालत ने माना था कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है और यह संबंधित कानून के प्रावधानों के अनुरूप किया जा सकता है। हालांकि, अदालत ने यह भी दोहराया कि मतदाता सूची से जुड़े अधिकार और नागरिकता का प्रश्न अलग-अलग कानूनी विषय हैं, जिनका निर्णय अलग-अलग संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत किया जाता है।