पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर हलचल तेज है। चुनाव आयोग ने SIR 2026 (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में करीब 58 लाख वोटरों के नाम नहीं पाए गए, जिससे कई लोगों में डर बैठ गया कि कहीं उनका वोट देने का अधिकार तो नहीं छिन गया। लेकिन आयोग ने साफ किया है कि यह सिर्फ ड्राफ्ट लिस्ट है, फाइनल नहीं। जिन लोगों के नाम कटे हैं, उनके लिए दावा और आपत्ति दर्ज कराने का पूरा मौका दिया गया है। यानी अभी भी स्थिति संभाली जा सकती है और वोटिंग का हक वापस पाया जा सकता है।
नाम कटने के पीछे क्या हैं वजहें
चुनाव आयोग के मुताबिक, नाम हटने के कई कारण हो सकते हैं। कुछ मतदाता अब इस दुनिया में नहीं रहे, कुछ लोग स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो चुके हैं, कुछ लंबे समय से अपने पते पर मौजूद नहीं पाए गए और कुछ के नाम एक से ज्यादा जगह दर्ज मिले। ऐसे डुप्लीकेट और गलत एंट्री को हटाने के लिए यह प्रक्रिया की गई है। आयोग का कहना है कि सभी नाम गलत तरीके से नहीं हटे हैं, लेकिन अगर किसी जीवित और योग्य मतदाता का नाम गलती से कट गया है, तो वह दोबारा जुड़वाया जा सकता है।
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दावा करने का मौका और समयसीमा
अगर आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग ने दावा और आपत्ति दर्ज कराने की तारीख तय कर दी है। आप 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक अपना दावा कर सकते हैं। यानी करीब एक महीने का समय दिया गया है। इस दौरान आप यह साबित कर सकते हैं कि आप उसी क्षेत्र के योग्य मतदाता हैं। समय रहते दावा करने पर आपका नाम फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल हो सकता है और आप चुनाव में वोट डाल सकेंगे।
ऑनलाइन और ऑफलाइन आसान प्रक्रिया
नाम जुड़वाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प मौजूद हैं। ऑनलाइन के लिए नेशनल वोटर सर्विस पोर्टल (NVSP) की वेबसाइट पर जाकर लॉगिन करें या नया अकाउंट बनाएं। इसके बाद Form 6 भरें और पहचान व पते से जुड़े जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड कर सबमिट करें। अगर इंटरनेट की सुविधा नहीं है, तो हेल्पलाइन नंबर 1950 पर कॉल कर मदद ले सकते हैं। इसके अलावा अपने इलाके के BLO से मिलकर Form 6, फोटो और दस्तावेज जमा करें। BLO सत्यापन के बाद आपकी जानकारी चुनाव आयोग को भेज देंगे।