Entertainment News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में जब बॉलीवुड की दीपाली खूबसूरत अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन स्टेज पर आईं और उन्हें चरण Sparsh किया, तो उस पल ने सभी का ध्यान खींच लिया. यह घटना आंध्र प्रदेश के पुट्टापर्थी में आयोजित श्री सत्य साईं बाबा की शताब्दी समारोह के दौरान हुई, जहां देश-भर की प्रतिष्ठित हस्तियाँ एकत्र थीं. ऐश्वर्या ने न सिर्फ़ सम्मान दिखाया, बल्कि अपनी सादगी और श्रद्धा के जरिए एक भावुक संदेश भी दिया। इस क्षण ने सोशल मीडिया पर तुरंत आग पकड़ ली और लोग उनकी इस हरकत को “संस्कार और सम्मान” की मिसाल कहने लगे.
यह सीन तब सामने आया जब ऐश्वर्या राय बच्चन ने मंच पर अपनी बात रखने से पहले पीएम मोदी के पास आईं और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस पारंपरिक भारतीय इशारे ने मौजूदा समय में एक अलग ही छवि पेश की न सिर्फ़ एक स्टार, बल्कि एक ऐसी महिला जिसे अपनी जड़ों और संस्कारों का गर्व है. उन्होंने मंच पर संवेदनशील भाव व्यक्त करते हुए कहा कि श्री साईं बाबा की शिक्षाएँ हमेशा उनके दिल में गूंजती आती हैं.
ये भी पढ़ें - “दिल्ली की शाही शादी में शाहरुख और सलमान का धमाका : ‘ओ जाने जाना’ पर दोनों खानों का जबरदस्त डांस वायरल
पीएम मोदी ने भी इस इशारे पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें हाथ से सहारा दिया, उनकी ओर हाथ बढ़ाया और उन्हें आशीर्वाद स्वरूप सिर पर हाथ रखा. यह पल सिर्फ एक औपचारिक अभिवादन नहीं था, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक सम्मान और विनम्रता का प्रतीक बन गया. दर्शक और अन्य मंच पर मौजूद गणमान्य व्यक्ति भी इस मृदु और सरल लेकिन गहरे भाव से प्रभावित हुए.
ऐश्वर्या की तारीफ
ऐश्वर्या की यह हरकत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और लोग जमकर उनकी तारीफ करने लगे. कई यूजर्स ने लिखा कि “इसे ही कहते हैं असली संस्कार”, तो कुछ ने कहा कि यह दर्शाता है कि सच्चा स्टार वही है, जो सम्मान और श्रद्धा के मूल्यों को न भूलें। दूसरी ओर, ऐश्वर्या की स्पीच ने भी दिल को छू लिया. उन्होंने एकता, प्रेम और मानवता का संदेश दिया और बताया कि साईं बाबा की शिक्षाओं में ‘पाँच D’ (अनुशासन, समर्पण, भक्ति, लक्ष्यनिष्ठा और विवेक) जैसी महत्वपूर्ण विशेषताएं हैं.
अंत में कहा जा सकता है कि यह सिर्फ एक इवेंट का पल नहीं था, बल्कि एक सांस्कृतिक और नैतिक संदेश था। ऐश्वर्या राय बच्चन ने सिर्फ एक सेलिब्रिटी की भूमिका नहीं निभाई, बल्कि अपनी पहचान के माध्यम से यह दिखाया कि सम्मान और शिष्टाचार आज भी हमारे समाज में अहमियत रखते हैं। पीएम मोदी के प्रति उनका ये इशारा न केवल व्यक्तिगत श्रद्धा का प्रतीक था, बल्कि यह यह भी दर्शाता है कि सार्वजनिक जीवन में विनम्रता और मानवीय जुड़ाव कितनी ताकतवर हो सकती है.