GFTI Admission Process: देश में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले ज्यादातर छात्रों का पहला सपना IIT या NIT में जाना होता है। लेकिन सीटें सीमित होने की वजह से हर किसी का यह सपना पूरा नहीं हो पाता। लेकिन ऐसे छात्रों को निराश होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि आपके पास GFTI गवर्नमेंट फंडेड टेक्निकल इंस्टीट्यूट्स के रूप में एक बेहतरीन और बजट-फ्रेंडली ऑप्शन मौजूद है।
क्या होते हैं GFTI?
GFTI यानी वो तकनीकी संस्थान जिन्हें भारत सरकार से फाइनेंशियल सपोर्ट मिलता है। इन संस्थानों में इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट और कई दूसरे प्रोफेशनल कोर्सेज की पढ़ाई होती है। इन संस्थानों में भी एडमिशन JEE Main के स्कोर के आधार पर मिलता है, जबकि सीट अलॉटमेंट प्रोसेस जॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (JoSAA) के जरिए पूरा किया जाता है। कम फीस, अच्छी शिक्षा और बेहतर करियर के अवसरों के मामले में ये संस्थान IIT और NIT को कड़ी टक्कर देते हैं।
देश में कितनी सीटें
JoSAA के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में 40 से ज्यादा GFTI संस्थान हैं, जिनमें कुल मिलाकर 11,692 सीटें उपलब्ध हैं। जिनमें IIT, NIT, IIIT और दूसरी सेंट्रल यूनिवर्सिटीज शामिल हैंयह उन छात्रों के लिए एक बड़ा मौका है जो टॉप लेवल के सरकारी संस्थान से पढ़ना चाहते हैं।
कौन-कौन से प्रमुख GFTI कॉलेज हैं?
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU)
इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (ICT)
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज चंडीगढ़ (PEC चंडीगढ़)
स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर दिल्ली
स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल
स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर विजयवाड़ा
श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय (SMVDU)
तेजपुर यूनिवर्सिटी
बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT मेसरा)
इसके अलावा कई सेंट्रल यूनिवर्सिटी और टेक्निकल इंस्टीट्यूट भी GFTI लिस्ट में शामिल हैं।
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कैसे मिलता है एडमिशन?
GFTI में एडमिशन पूरी तरह JEE Main रैंक और JoSAA काउंसलिंग पर आधारित होता है। इन संस्थानों में एंट्री के लिए सबसे पहले आपको JEE Main परीक्षा पास करनी होगी। फिर JoSAA पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर कॉलेज और ब्रांच चुनना होता है. काउंसलिंग के दौरान रैंक के आधार पर सीट अलॉट की जाती है और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद एडमिशन फाइनल होता है।