स्तन कैंसर (Breast Cancer) महिलाओं में पाए जाने वाले सबसे आम कैंसरों में से एक है।आज के समय में यह बीमारी केवल वृद्ध महिलाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि युवतियों में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।यह बीमारी स्तन की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि के कारण होती है, जो आगे चलकर कैंसर ट्यूमर का रूप ले सकती है। यदि समय रहते इसका पता चल जाए, तो इसका सफल इलाज संभव है. आज हम जानेंगे स्तन कैंसर के प्रमुख कारण, इसके लक्षण और इससे बचाव के उपाय-
स्तन कैंसर के कारण (Causes of Breast Cancer)
1.आनुवंशिक कारण – यदि परिवार में किसी को स्तन कैंसर रहा हो, तो इसका खतरा बढ़ जाता है, 2. हार्मोनल असंतुलन – एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के असंतुलन से स्तन कोशिकाओं में बदलाव आ सकता है,3. उम्र –40 वर्ष के बाद स्तन कैंसर की संभावना अधिक होती है,4-अनियमित जीवनशैली – मोटापा, धूम्रपान, शराब का सेवन, कम व्यायाम आदि,5. प्रजनन संबंधित कारण – पहली बार देर से मां बनना या मां न बनना भी एक कारण हो सकता है6. रेडिएशन के संपर्क में आना – बार-बार रेडिएशन एक्सपोज़र से खतरा बढ़ता है।
स्तन कैंसर के लक्षण (Symptoms)स्तन में गांठ या कठोर भाग-
1.निप्पल से असामान्य स्राव (जैसे खून या पीले रंग कनिकलना ,2.स्तन के आकार या रंग में बदलाव,3.निप्पल का अंदर की ओर मुड़ जाना,4.त्वचा पर गड्ढा या खिंचाव जैसा दिखना,5.बगल में सूजन या गांठ,
स्तन कैंसर से बचाव और उपाय (Prevention and Remedies)
1. नियमित जांच: 40 वर्ष की उम्र के बाद मैमोग्राफी व स्तन परीक्षण नियमित रूप से कराना चाहिए, 2. स्वस्थ जीवनशैली,संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और तनावमुक्त जीवन शैली अपनाएं,3. स्तन स्वयं परीक्षण (Breast Self Exam)हर महीने स्वयं अपने स्तनों की जांच करें,4. शराब और धूम्रपान से बचाव इनसे दूर रहना कैंसर के जोखिम को कम करता है,5. समय पर डॉक्टर से सलाह किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
स्तन कैंसर एक गंभीर लेकिन समय पर पहचाने जाने पर उपचार योग्य बीमारी है।इसके प्रति जागरूक रहना, नियमित जांच कराना और जीवनशैली में सुधार करके इस रोग से काफी हद तक बचा जा सकता है. महिलाओं को चाहिए कि वे अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और स्तन कैंसर के प्रति समाज में जागरूकता फैलाएं.