उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आज, 5 जून 2025 को 53वां है. इस अवसर पर पीएम मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, BSP प्रमुख मायावती और प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्रियों सहित कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी.
3 बजे से दिन की शुरुआत
योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या अनुशासन और साधना से परिपूर्ण है. वो प्रतिदिन सुबह 3 बजे उठते हैं और 4 से 5 बजे तक योग, ध्यान और प्राणायाम करते हैं. इसके बाद स्नान करके विधिवत पूजा और ध्यान करते हैं.
खानपान है सात्विक और शाकाहारी
योगी आदित्यनाथ का आहार पूरी तरह से सात्विक और शाकाहारी है. वो मांसाहार और तामसिक भोजन से दूर रहते हैं. सुबह के नाश्ते में फल, दलिया, छाछ या ताजा जूस शामिल होता है. दोपहर के भोजन में रोटी, दाल, चावल और सलाद खाते हैं. रात के भोजन में दो रोटियां और हरी सब्जी का सेवन करते हैं. भोजन के बाद आंवले का मुरब्बा और दूध लेते हैं.
गौसेवा से विशेष प्रेम
योगी आदित्यनाथ को गायों से विशेष प्रेम है. गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मठ की गौशाला में 500 से अधिक गायें हैं. वो स्वयं गायों को गुड़ और चारा खिलाते हैं और उनके नाम भी रखते हैं, जैसे 'भवानी' और 'भोलू'. गौसेवा उनके आध्यात्मिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है.
जीवनशैली है सादी और संयमित
योगी आदित्यनाथ की जीवनशैली अत्यंत सादी और संयमित है. वो हमेशा भगवा रंग के कपड़े पहनते हैं, जो उनके आध्यात्मिक जीवन को दर्शाते हैं. उनके पास लगभग दस जोड़ी कपड़े होते हैं, जो गोरखपुर के एक स्थानीय दर्जी से सिलवाए जाते हैं. उनकी दिनचर्या में तंत्र-मंत्र या किसी भी प्रकार के नशे का कोई स्थान नहीं है.
संत से मुख्यमंत्री तक राजनीतिक यात्रा
योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के पंचूर गांव में हुआ. उनका असली नाम अजय सिंह बिष्ट था. उन्होंने 26 वर्ष की आयु में राजनीति में कदम रखा और 1998 में गोरखपुर से सांसद बने. सांसद रहते हुए उन्होंने हिंदू युवा वाहिनी की स्थापना की. 2017 में वो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने और 2022 में दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
योगी आदित्यनाथ की जीवनशैली और कार्यशैली उन्हें एक अनुशासित और समर्पित नेता के रूप में प्रस्तुत करती है. उनका सादा जीवन, उच्च विचार और प्रदेश के प्रति समर्पण उन्हें एक आदर्श नेता बनाता है.