Tips For New Parents : हर माता-पिता के लिए अपने बच्चे की बढ़ती उम्र के साथ उसका शारीरिक विकास देखना एक सुखद अनुभव होता है. बच्चा कब बैठेगा, कब बोलेगा, और सबसे ज़्यादा — कब चलेगा, ये सब बहुत उत्सुकता से देखा जाता है.bआमतौर पर बच्चे 12 से 18 महीनों की उम्र के बीच चलना शुरू कर देते हैं, लेकिन कुछ बच्चे समय से थोड़ा देर से भी चलना शुरू करते हैं. ऐसी स्थिति में माता-पिता चिंतित हो सकते हैं, लेकिन घबराने की बजाय समझदारी और धैर्य से काम लेना ज़रूरी है.
1. पहले बच्चे के विकास को समझें:
हर बच्चा अलग होता है और उसका विकास भी अलग गति से होता है. कोई बच्चा 10 महीने में चलना शुरू कर देता है, तो कोई 16–18 महीने में. अगर बच्चा समय से न चले तो सबसे पहले यह देखें कि:
क्या बच्चा रेंग रहा है या खड़ा हो पा रहा है?
क्या वह चीजों को पकड़ कर खड़ा होता है?
क्या उसमें बैठने, घुटनों पर चलने और घूमने की कोशिश है?
अगर ये गतिविधियाँ हो रही हैं, तो देर से चलना सामान्य हो सकता है.
2. बच्चे को प्रेरित करें, दबाव न बनाएं:
बच्चे को चलने के लिए उत्साहित करें, लेकिन जबरदस्ती न करें. उसे खुला और सुरक्षित स्थान दें जहाँ वह खुद प्रयास कर सके. उसके पास रंग-बिरंगे खिलौने रखें ताकि वह उनकी तरफ बढ़ने की कोशिश करे. हाथ पकड़ कर धीरे-धीरे चलाना सिखाएं, फ़्लैट और फिसलन रहित जगह पर अभ्यास कराएं.
3. फिजिकल एक्टिविटी और मालिश करें:
शारीरिक ताकत बच्चे के चलने में अहम भूमिका निभाती है. रोज़ाना शरीर की हल्की-फुल्की मालिश करें ताकि मांसपेशियां मज़बूत हों. पैरों की विशेष मालिश और स्ट्रेचिंग से भी फ़ायदा होता है.
4. स्क्रीन टाइम कम करें:
अगर बच्चा ज्यादा समय मोबाइल या टीवी देखने में बिताता है, तो उसकी शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं. उसे खेलने और हिलने-डुलने का समय और मौका दें.
5. डॉक्टर की सलाह लें जब...
अगर बच्चा:
18 महीने की उम्र तक खड़ा भी नहीं हो पा रहा,
पैर में कोई टेढ़ापन है,
चलने की कोशिश में असामान्य प्रतिक्रिया दे रहा है, तो बाल विशेषज्ञ (Pediatrician) से ज़रूर संपर्क करें. हो सकता है कुछ विशेष व्यायाम या फिजियोथैरेपी की आवश्यकता हो. बच्चे का देर से चलना हमेशा चिंता का कारण नहीं होता, लेकिन धैर्य, समझदारी, और सही मार्गदर्शन ज़रूरी है. हर बच्चा अपने समय पर विकास करता है. प्यार, देखभाल और थोड़ी सी कोशिश से आप अपने बच्चे को चलने की ओर प्रोत्साहित कर सकते हैं.