IMD Alert : उत्तर प्रदेश में अगस्त के आखिरी दिनों में मानसून की गतिविधियां बनी हुई हैं। हालांकि 29 अगस्त को राज्य के लिए मौसम विभाग ने किसी बड़े भारी बारिश के अलर्ट की घोषणा नहीं की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार, आज यूपी में कुछ स्थानों पर बादल छाए रहने और बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं, अगले कुछ दिनों में मौसम का मिजाज बदल सकता है और बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं।
पश्चिमी यूपी में कैसा रहेगा मौसम?
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 अगस्त को फिलहाल भारी बारिश की चेतावनी नहीं है। हालांकि कई इलाकों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और स्थानीय स्तर पर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मेरठ सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए IMD के स्थानीय पूर्वानुमान में एक-दो दौर की बारिश या गरज-चमक की संभावना जताई गई है। दिन का तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
पूर्वी यूपी में भी बारिश की संभावना
पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए भी 29 अगस्त को मौसम विभाग ने कोई चेतावनी जारी नहीं की है। इसका मतलब यह है कि आज भारी बारिश की संभावना व्यापक स्तर पर नहीं है, लेकिन स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। IMD के मुताबिक पूर्वी यूपी में 30 अगस्त तक कोई भारी बारिश की चेतावनी नहीं है, जबकि 31 अगस्त से यहां बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।
31 अगस्त से बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में यूपी के लिए खास बदलाव 31 अगस्त से दिखाई दे रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अगस्त से भारी बारिश की संभावना जताई गई है और यह सिलसिला आने वाले दिनों में भी जारी रह सकता है। ऐसे में पूर्वांचल के लोगों को अगले कुछ दिनों के मौसम अपडेट पर विशेष नजर रखनी होगी। वहीं पश्चिमी यूपी में भी स्थानीय स्तर पर बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है।
बारिश के साथ गरज-चमक से रहें सावधान
29 अगस्त को देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है। IMD के राष्ट्रीय पूर्वानुमान में उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और कुछ अन्य क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे मौसम का असर उत्तर भारत के आसपास के इलाकों में भी देखने को मिल सकता है। यूपी में यदि अचानक तेज बारिश, बिजली चमकने या तेज हवाओं का दौर शुरू हो तो खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना बेहतर रहेगा।