भोपाल में एक बड़ी लापरवाही के चलते छात्र-छात्राओं की जान पर बन आई। SEM ग्लोबल यूनिवर्सिटी की एक कॉलेज बस चलते वक्त सड़क पर बीचोबीच रुक गई, क्योंकि उसके पिछले दोनों पहिए अचानक निकल गए। बस में सवार छात्र-छात्राओं के बीच चीख-पुकार मच गई। कई छात्र घायल हुए जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ये घटना राजधानी के रायसेन रोड पर घटी, जहां हर दिन हजारों छात्र इसी रूट से यूनिवर्सिटी आते-जाते हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि यह बस बिना फिटनेस के दौड़ रही थी। इससे पहले भी भोपाल में फिटनेस के बिना दौड़ रही एक स्कूल बस के कारण बड़ा हादसा हो चुका है। बावजूद इसके, प्रशासन और परिवहन विभाग की लापरवाही जारी है। सवाल ये है कि कितनी और जानें जाएंगी, तब जाकर सिस्टम जागेगा?
यूनिवर्सिटी की बस में मचा हड़कंप
गुरुवार को SEM ग्लोबल यूनिवर्सिटी की MH34AB8055 नंबर की महाराष्ट्र पासिंग बस में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब चलते वक्त उसके पिछले दोनों टायर अचानक निकल गए। बस में दर्जनों छात्र-छात्राएं सवार थे जो यूनिवर्सिटी जा रहे थे। गनीमत रही कि बस तेज रफ्तार में नहीं थी, वरना यह हादसा और भी बड़ा हो सकता था।
छात्रों को लगी गंभीर चोटें, भर्ती अस्पताल में
हादसे में कई छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें तुरंत अयोध्या नगर स्थित RNA मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। छात्रों और उनके परिजनों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। परिजन प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
फिटनेस के बिना बस संचालन, बड़ी लापरवाही
जानकारी के अनुसार, यह बस बिना फिटनेस के ही लगातार दौड़ रही थी। यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने बस की नियमित जांच नहीं करवाई थी, जो सीधी-सीधी छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ है। यह घटना प्रशासन की निगरानी प्रणाली पर भी सवाल खड़े करती है।
पहले भी हो चुका है बड़ा हादसा
इससे पहले 13 मई को बाणगंगा चौराहे पर एक तेज रफ्तार स्कूल बस ने कई लोगों को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में 5 से ज्यादा लोग घायल और एक युवती की मौत हो गई थी। जांच में वह बस भी बिना फिटनेस के पाई गई थी। तब भी प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई का दावा किया था, लेकिन आज फिर वही चूक दोहराई गई।
अब तो जागिए प्रशासन!
लगातार हो रही बस दुर्घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि स्कूल-कॉलेज बसों की फिटनेस जांच में भारी लापरवाही बरती जा रही है। प्रशासन और RTO की सुस्ती का खामियाजा छात्रों और आम जनता को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है। अब वक्त है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और सभी शैक्षणिक संस्थानों के वाहनों की तुरंत जांच हो।