हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने आने वाली मासिक शिवरात्रि भगवान शिव की उपासना के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। वैशाख माह की मासिक शिवरात्रि को लेकर इस बार लोगों के मन में भ्रम है कि यह 14 अप्रैल को है या 15 अप्रैल को। सही तिथि और पूजा का शुभ समय जानना जरूरी है, ताकि भक्त पूरे विधि-विधान से पूजा कर सकें और जीवन की बाधाओं को दूर कर सकें।
कब है मासिक शिवरात्रि की सही तिथि?
वैशाख माह की मासिक शिवरात्रि इस वर्ष 14 अप्रैल की रात से शुरू होकर 15 अप्रैल तक मानी जाएगी। चतुर्दशी तिथि का आरंभ 14 अप्रैल की शाम को होगा और इसका समापन 15 अप्रैल को होगा। ऐसे में व्रत और पूजा मुख्य रूप से 14 अप्रैल की रात्रि में की जाएगी, क्योंकि शिवरात्रि की पूजा निशीथ काल में करना विशेष फलदायी माना जाता है।
शुभ योग और विशेष संयोग
इस बार की मासिक शिवरात्रि पर खास शुभ योग बन रहे हैं, जो इसे और भी प्रभावशाली बनाते हैं। इस दिन शुभ नक्षत्र और अनुकूल ग्रह स्थिति के कारण शिव पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। माना जाता है कि इस दिन किए गए उपाय और जप से जीवन की परेशानियां, मानसिक तनाव और आर्थिक संकट दूर हो सकते हैं।
पूजा विधि और उपाय
मासिक शिवरात्रि के दिन सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें और शाम के समय भगवान शिव का अभिषेक करें। जल, दूध, दही, शहद और बेलपत्र अर्पित करें। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। रात्रि में जागरण कर शिव चालीसा या शिव पुराण का पाठ करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है।
क्या मिलते हैं इस दिन के लाभ?
मान्यता है कि मासिक शिवरात्रि का व्रत रखने से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है, जो जीवन में किसी समस्या या बाधा से जूझ रहे हैं। शिव कृपा से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और जीवन में सुख-शांति आती है।
डिस्क्लेमर
यह लेख सामान्य धार्मिक मान्यताओं और पंचांग पर आधारित है। विभिन्न क्षेत्रों में तिथि और पूजा विधि में अंतर संभव है। कृपया किसी विद्वान पंडित या ज्योतिषाचार्य से परामर्श लेकर ही अंतिम निर्णय लें।