Religion: विनायक चतुर्थी, भगवान श्री गणेश को समर्पित एक विशेष तिथि है जो हर माह शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को आती है। लेकिन सावन महीने में आने वाली विनायक चतुर्थी का महत्व विशेष रूप से धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अधिक होता है। वर्ष 2025 में सावन मास की विनायक चतुर्थी 2 अगस्त, शनिवार को मनाई जाएगी। आपको बता दें कि हिंदू पंचांग के अनुसार, यह तिथि चंद्रमा की पूजा के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि गणेश जी को चंद्रदोष से मुक्ति दिलाने वाले देवता भी कहा जाता है। शास्त्रों में उल्लेख है कि इस दिन व्रत करने और विधिपूर्वक गणेश पूजन करने से समस्त विघ्नों का नाश होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
पूजन विधि
इस दिन प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर घर के मंदिर या पूजन स्थान को सजाया जाता है। गणपति की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाकर पुष्प, दूर्वा, मोदक, फल आदि अर्पित किए जाते हैं। गणेश जी के मंत्र – “ॐ गं गणपतये नमः” का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। व्रती दिनभर उपवास रखता है और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का समापन करता है। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए फलदायी माना जाता है जिन्हें बार-बार कार्यों में विघ्न आते हैं या नौकरी-व्यवसाय में बाधाएं आ रही हों।
महत्व
सावन मास स्वयं शिव भक्ति का महापर्व है, और गणेश जी शिव-पार्वती के पुत्र होने के कारण इस माह में इनकी पूजा विशेष फलदायक मानी जाती है। ऐसी मान्यता है कि सावन की विनायक चतुर्थी पर व्रत करने से भगवान शिव और गणेश दोनों की कृपा प्राप्त होती है।इस दिन किया गया पूजन परिवार में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और स्वास्थ्य की वृद्धि करता है।