हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। यह व्रत हर महीने कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। अप्रैल 2026 में प्रदोष व्रत किन-किन दिनों में पड़ेंगे, इसे जानना भक्तों के लिए जरूरी है ताकि वे सही समय पर व्रत रखकर भगवान शिव की कृपा प्राप्त कर सकें।
अप्रैल 2026 में प्रदोष व्रत की तिथियां
अप्रैल 2026 में दो प्रदोष व्रत पड़ेंगे। पहला प्रदोष व्रत 9 अप्रैल को आएगा, जो कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि होगी। वहीं दूसरा प्रदोष व्रत 24 अप्रैल को रखा जाएगा, जो शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी के दिन पड़ेगा। इन दोनों दिनों में भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व
मान्यता है कि प्रदोष व्रत करने से भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन व्रत रखने से जीवन के पापों का नाश होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। जो भक्त सच्चे मन से इस व्रत को करते हैं, उनके सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
पूजा विधि और शुभ समय
प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें और दिनभर उपवास रखें। शाम के समय, सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा की जाती है। इस दौरान शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करना शुभ माना जाता है। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करने से विशेष फल मिलता है।
प्रदोष व्रत के लाभ और उपाय
इस व्रत को करने से मानसिक शांति, स्वास्थ्य लाभ और आर्थिक उन्नति होती है। विशेष रूप से जो लोग किसी समस्या या बाधा से परेशान हैं, उन्हें यह व्रत जरूर करना चाहिए। इसके अलावा गरीबों को दान देना और जरूरतमंदों की सहायता करना भी इस दिन अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
डिस्क्लेमर
यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पंचांग पर आधारित है। तिथियों में स्थान और समय के अनुसार थोड़ा अंतर संभव है। कृपया किसी जानकार पंडित या ज्योतिषी से सलाह लेकर ही व्रत और पूजा का सही समय सुनिश्चित करें।