मध्यप्रदेश के दमोह जिले में एक गांव ऐसा भी है जहां युवकों की उम्र शादी लायक हो चुकी है लेकिन कोई अपनी बेटी उन्हें देना नहीं चाहता। वजह है – सड़क और पानी की गंभीर समस्या। पथरिया ब्लॉक का सजियाहार गांव पूरी तरह से बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। गांव की हालत यह है कि यहां हैंडपंप नहीं है, कुएं सूख चुके हैं और सड़क न होने से बीमारों को अस्पताल तक पहुंचाने में भी जान पर बन आती है। अब गांव के लोग खुलकर कहने लगे हैं – “जब तक समाधान नहीं, तब तक वोट नहीं।”
600 की आबादी, लेकिन पानी और सड़क का नामोनिशान नहीं
सजियाहार गांव की आबादी करीब 600 है, जिसमें अधिकतर आदिवासी और दलित परिवार रहते हैं। गांव की पंचायत सुजनीपुर से 3 किलोमीटर दूर है, लेकिन बीच में कोई पक्की सड़क नहीं है। पानी की हालत इतनी खराब है कि लोग खेतों में बने बोर या दूसरे गांवों से पानी लाने को मजबूर हैं। गांव की महिलाओं का कहना है कि नेता सिर्फ चुनाव के वक्त आते हैं, लेकिन समस्याएं जस की तस हैं।
शादी में भी बन रहा रोड़ा
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में लगभग 24 युवा ऐसे हैं जिनकी शादियां सिर्फ इसलिए नहीं हो रही हैं क्योंकि गांव में सुविधाएं नहीं हैं। लोग अपनी बेटियां यहां ब्याहने को तैयार नहीं होते। वृद्ध शंकर बताते हैं कि “हमारे गांव से दुल्हनें तो चली जाती हैं, लेकिन कोई अपनी बेटी यहां ब्याहने नहीं आता।” कई लोग गांव छोड़कर पलायन कर चुके हैं।
सड़क नहीं, इसलिए डिलीवरी रास्ते में
ग्रामीण सुनील अहिरवार बताते हैं कि बारिश के समय सड़क पर कीचड़ और दलदल हो जाता है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को ट्रैक्टर पर ले जाना पड़ता है। अब तक 5 बार ऐसा हो चुका है कि महिला की डिलीवरी रास्ते में ही हो गई। वहीं संतोष ठाकुर बताते हैं कि नल-जल योजना की लाइन तो बिछाई गई लेकिन आज तक एक बूंद पानी नहीं मिला।
प्रशासन की नजर, लेकिन राहत दूर
एसडीएम निकेत चौरसिया ने जनपद सीईओ और नल-जल योजना के जीएम को गांव की स्थिति पर रिपोर्ट देने को कहा है। योजना की पाइपलाइन कई जगह से क्षतिग्रस्त है, जिससे पानी गांव तक नहीं पहुंच पा रहा। अब ग्रामीण इंतजार में हैं कि कब उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान हो।