आज की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सबसे तेजी से विकसित होने वाला क्षेत्र बन चुका है। उद्योग से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और रक्षा तक—हर सेक्टर में AI विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर किस देश में सबसे ज्यादा AI टैलेंट मौजूद है, और इस वैश्विक रेस में भारत कहां खड़ा है?
AI टैलेंट में अग्रणी देश
ताज़ा रिपोर्टों और ग्लोबल सर्वे के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) इस क्षेत्र में सबसे आगे है। अमेरिका में न केवल टेक्नोलॉजी की दिग्गज कंपनियां जैसे Google, Microsoft, OpenAI, NVIDIA, और Meta स्थित हैं, बल्कि यहां विश्व-स्तरीय यूनिवर्सिटीज़ जैसे MIT, Stanford और Carnegie Mellon AI रिसर्च में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। अमेरिका में शोध, निवेश और स्किल डेवलपमेंट पर जोर देने के कारण यह देश AI टैलेंट का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है।
नंबर दो पर ये देश
इसके बाद चीन का स्थान आता है, जिसने पिछले एक दशक में AI पर जबरदस्त निवेश किया है। चीन के शहर बीजिंग, शेनझेन और शंघाई आज वैश्विक स्तर पर AI इनोवेशन के केंद्र बन चुके हैं। सरकारी नीतियों के समर्थन से चीन ने AI आधारित स्टार्टअप्स और इंडस्ट्री में तेज़ी से प्रगति की है।
भारत की स्थिति
भारत इस सूची में लगातार ऊपर चढ़ रहा है। विश्व स्तर पर भारत आज AI टैलेंट के टॉप 5 देशों में गिना जाता है। NASSCOM और LinkedIn जैसी संस्थाओं की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में लाखों की संख्या में AI इंजीनियर्स, डेटा साइंटिस्ट्स और मशीन लर्निंग एक्सपर्ट्स काम कर रहे हैं। बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और गुरुग्राम जैसे शहर अब “AI हब” के रूप में विकसित हो रहे हैं। भारत की बड़ी IT कंपनियां जैसे TCS, Infosys, Wipro, और Tech Mahindra अपने कर्मचारियों को AI-आधारित स्किल्स में प्रशिक्षित कर रही हैं। इसके अलावा, सरकार की ‘AI for All’ नीति और Digital India Mission ने भी इस दिशा में बड़ा योगदान दिया है।
भविष्य की दिशा
भारत के पास विशाल युवा जनसंख्या और मजबूत IT इन्फ्रास्ट्रक्चर है, जो इसे AI सुपरपावर बनने की दिशा में आगे बढ़ा सकता है। यदि शिक्षा व्यवस्था में प्रायोगिक प्रशिक्षण और रिसर्च पर अधिक ध्यान दिया जाए, तो आने वाले वर्षों में भारत दुनिया का सबसे बड़ा AI टैलेंट हब बन सकता है।