विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने मंगलवार हंता वायरस के और मामले सामने आने की बात कही। उन्होंने कहा कि क्रूज जहाज एमवी होंडियस से यात्रियों को निकालने के बाद आने वाले हफ्तों में हंता वायरस के और मामले सामने आ सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया भर में इस बीमारी का खतरा फिलहाल कम है। मैड्रिड के मोनक्लोआ पैलेस में स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज के साथ हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में टेड्रोस ने कहा, “वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड लंबा होता है, इसलिए आने वाले कुछ हफ्तों में और मामले देखने को मिल सकते हैं।”
नौ की पुष्टि एंडीज वायरस संक्रमण के रूप में हुई
टेड्रोस के मुताबिक अब तक हंता वायरस से जुड़े 11 मामले सामने आए हैं, जिनमें तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इन 11 मामलों में से नौ की पुष्टि एंडीज वायरस संक्रमण के रूप में हुई है, जबकि बाकी दो मामलों को संभावित माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा आकलन अभी भी यही है कि वैश्विक स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य का खतरा कम है। फिलहाल किसी बड़े प्रकोप के संकेत नहीं मिले हैं।
42 दिनों तक सक्रिय स्वास्थ्य निगरानी
टेड्रोस ने बताया कि डब्ल्यूएचओ की सलाह है कि जहाज से निकाले गए सभी यात्रियों की आखिरी संपर्क तारीख से 42 दिनों तक सक्रिय स्वास्थ्य निगरानी की जाए। यह निगरानी क्वारंटीन सेंटर या घर पर रहकर की जा सकती है और 21 जून तक जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर किसी में लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे तुरंत अलग करके इलाज शुरू किया जाना चाहिए।
टेड्रोस ने स्पेन सरकार का धन्यवाद भी किया, जिसने जहाज को अपने यहां आने की अनुमति दी और पूरे निकासी अभियान की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने कहा कि स्पेन ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ एकजुटता, संवेदनशीलता और इंसानियत भी दिखाई।
20 से ज्यादा देशों ने यात्रियों और क्रू
स्पेन सरकार ने पांच मई को एमवी होंडियस को आने की अनुमति दी थी। जब जहाज पर हंता वायरस फैलने की खबर आई। डब्ल्यूएचओ, यूरोपीय संघ और 20 से ज्यादा देशों ने यात्रियों और क्रू को सुरक्षित निकालने और उनके देश वापस भेजने में मदद मांगी थी। यह जहाज 10 मई को स्पेन के टेनेरिफ द्वीप के पास पहुंचा और अगले दिन ग्रेनाडिला बंदरगाह पर लगा। दो दिन चले इस अभियान के दौरान यात्रियों और कुछ क्रू सदस्यों को सख्त सुरक्षा और स्वास्थ्य नियमों के बीच जहाज से उतारा गया और फिर स्पेन से विशेष उड़ानों के जरिए भेजा गया।