उत्तर प्रदेश के इटावा ज़िले के दंदरपुर गांव में 26 जून को हुए यादव कथावाचकों के साथ मारपीट और उसके बाद मची हिंसा में गगन यादव का नाम उभर के सामने आया. उनके आवाहन पर हजारों युवा ‘अहीर रेजिमेंट’ समर्थक इकट्ठा हुए और इस दौरान कुछ युवाओं ने पुलिस पर पथराव किया, जिससे पुलिस को सुरक्षा के लिए हवाई फायरिंग करनी पड़ी और कई वाहनों को क्षतिग्रस्त देखना पड़ा.
गगन यादव का बयान
गगन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर लिखा कि पुलिस ने कुछ युवकों को गिरफ्तार किया, हालांकि वो कहां से थे और उनकी गलती क्या थी, उन्हें पता नहीं. उनका कहना था कि ये युवक समाज के सम्मान के लिए मैदान में थे. लेकिन जब मुक़दमे चलते हैं, तो नेतागण इन्हें भूल जाते हैं.
आगे क्या रणनीति बना रहे गगन?
गगन ने कहा कि आज मुझे दुख हो रहा हैं इन युवाओं को देखते हुए लेकिन मैं इनका भविष्य खराब नहीं होने दूंगा, चाहे इनको छुड़वाने के लिए मुझे स्वयं की गिरफ्तारी देनी हो. उत्तर प्रदेश शासन‑प्रशासन से मैं इन युवाओं को जेल से छोड़ने की गुज़ारिश करता हूं, जिसकी कोई भी कीमत चुकाने के लिए मैं तैयार हूं…
उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर उन्हें आगरा में रोक कर नजरबंद नहीं किया गया होता, तो वह इटावा पहुंचते और हो सकता है बवाल ही ना होता. उन्होंने यह भी कहा कि लड़ाइयां लाठी-डंडे से नहीं, मोहब्बत से भी जीती जा सकती हैं.
गगन यादव कौन हैं?
गगन यादव 'इंडियन रिफॉर्मेर्स' नाम के संगठन के संस्थापक और अध्यक्ष हैं, जो भारतीय सेना में अहीर रेजिमेंट की मांग करते हैं. वो खुद को युवा समाजवादी नेता बताते हैं, हालांकि किसी भी राजनीतिक दल विशेषकर समाजवादी पार्टी से उनका कोई आधिकारिक संबंध नहीं है.