लखनऊ से एक शर्मनाक घटना सामने आई, जिसमें 'मॉडल चाय वाली' के नाम से फेमस सिमरन गुप्ता के साथ पुलिस ने अभद्रता की. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दिख रहा है कि पुलिसकर्मी सिमरन के कपड़े पकड़कर उन्हें खींचते हैं, जिससे विवाद और बढ़ गया है.
बताया जा रहा है कि यह घटना चाय के स्टॉल को लेकर हुए टकराव के दौरान हुई. वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय जनता और सोशल मीडिया यूजर्स पुलिस की कार्रवाही पर सवाल उठा रहे हैं. पुलिस पर अभद्रता और हाथापाई के आरोप लगे हैं. वहीं मामले की जांच की मांग की जा रही है. घटना ने पुलिस के बर्ताव और महिलाओं के साथ व्यवहार पर बहस छेड़ दी है.
रविवार रात करीब 12 बजे लखनऊ में 'मॉडल चाय वाली' के नाम से मशहूर सिमरन गुप्ता की दुकान पर पुलिस पहुंची. पुलिस ने देर रात तक दुकान खुला रखने पर सिमरन को फटकार लगाई. कुछ देर में पुलिसकर्मी सिमरन के कपड़े खींचते हुए उसे मारने-पीटने लगे. इस पूरी घटना को एक कार में बैठे व्यक्ति ने वीडियो में कैद कर लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. अब सवाल उठता है कि आखिर कौन हैं ये 'मॉडल चाय वाली' सिमरन गुप्ता?
कौन हैं 'मॉडल चाय वाली'?
लखनऊ की मशहूर 'मॉडल चायवाली' सिमरन गुप्ता की कहानी संघर्ष और सफलता का प्रेरणास्त्रोत है. 2018 में मिस गोरखपुर का खिताब जीतने वाली सिमरन के पिता, राजेंद्र गुप्ता, शारीरिक और मानसिक रूप से विकलांग हैं. पिता की बीमारी और परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ने के कारण सिमरन ने मॉडलिंग की शुरुआत की. हालांकि, कोविड-19 महामारी के दौरान वह बेरोजगार हो गईं. इसके बाद उन्होंने संविदा पर नौकरी की, लेकिन वहां वेतन नहीं मिला। तब उन्होंने 'ग्रेजुएट चायवाली' से प्रेरित होकर गोरखपुर विश्वविद्यालय के हॉस्टल के सामने चाय का स्टॉल लगाया. उनकी बनाई चाय इतनी लोकप्रिय हुई कि उनका व्यवसाय सफल हो गया। आज वह 'मॉडल चायवाली' के नाम से जानी जाती हैं.
गोरखपुर में अपने चाय स्टॉल से सफलता प्राप्त करने के बाद, सिमरन गुप्ता ने लखनऊ में भी अपने व्यवसाय की शुरुआत की. लखनऊ के इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर उन्होंने 'मॉडल चाय वाली' के नाम से चाय का स्टॉल स्थापित किया. यहां वह कई फ्लेवर की चाय स्टाइलिश अंदाज में पेश करती हैं, जिससे उनका स्टॉल जल्दी ही युवाओं के बीच लोकप्रिय हो गया. उनकी चाय की अनूठी प्रस्तुति और स्वाद ने उन्हें लखनऊ में भी 'मॉडल चाय वाली' के नाम से पहचान दिलाई.
कितनी करती हैं कमाई ?
इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे के पास स्थित चाय स्टॉल के कारण सिमरन गुप्ता की चाय जल्दी ही युवाओं के बीच लोकप्रिय हो गईं. उनकी स्टॉल पर अधिकतर युवा ग्राहक दिखाई देते हैं. सिमरन की बढ़ती लोकप्रियता के कारण उन्होंने अपनी दुकान भी खरीद ली है और वर्तमान में वह स्टॉल और दुकान दोनों चला रही हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जब उनका व्यवसाय चरम पर था, तब वह एक महीने में चाय बेचकर लगभग 1 लाख रुपये की कमाई कर लेती थीं. इसके अतिरिक्त सिमरन के इंस्टाग्राम पर 29.5 हजार फॉलोअर्स हैं, और वीडियो कंटेंट के माध्यम से भी वह अच्छी खासी कमाई करती हैं.