AI researcher Rishabh Agarwal: इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर टेक इंडस्ट्री तक भारतीय एआई (AI) रिसर्चर ऋषभ अग्रवाल की खूब चर्चा हो रही है। ऋषभ ने मेटा (Meta) जैसी दिग्गज कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग का कारोड़ों का ऑफर ठुकराया था और अब अपने नए एआई स्टार्टअप पर काम कर रहे हैं। बता दें कि पिछले कुछ समय से मेटा एआई टैलेंट पर पानी की तरह पैसा बहा रही है। एआई रिसर्चर और इंजीनियर्स को मोटे पैकेज पर कंपनी में शामिल किया जा रहा है। ऋषभ को भी ऑफर मिला था लेकिन उन्होंने यह ऑफर ठुकरा दिया।
पोस्ट हो रही वायरल
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट वायरल हो रही थी, जिसमें दावा किया गया कि ऋषभ ने मेटा से मिला 8.5 करोड़ रुपये का सालाना पैकेज ठुकरा दिया है और वह अब अपने खुद के एआई स्टार्टअप पर काम कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि खुद ऋषभ ने इस पोस्ट पर जवाब देते हुए लिखा कि मेटा का ऑफर इस वायरल पोस्ट में बताई गई रकम से कहीं ज्यादा बड़ा था।
कौन हैं ऋषभ अग्रवाल?
ऋषभ अग्रवाल एक जाने-माने एआई रिसर्चर हैं। ऋषभ ने JEE में AIR 33 हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में पढ़ाई की। आगे की पढ़ाई के लिए वह कनाडा चले गए, जहां के मशहूर एआई रिसर्च इंस्टीट्यूट 'Mila' से उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में पीएचडी (PhD) पूरी की। इसके बाद उन्होंने एआई के फील्ड में बड़ी-बड़ी कंपनियों के साथ काम किया। इनमें गूगल ब्रेन, गूगल डीपमाइंड, वायमो और मेटा सुपरइंटेलीजेंस लैब्स जैसे कई पॉपुलर नाम शामिल हैं। उन्होंने गूगल के पॉपुलर एआई मॉडल्स Gemma और Gemini को बनाने में भी अहम भूमिका निभाई है।
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क्यों मेटा से दिया था इस्तीफा
आपको बता दें कि ऋषभ पिछले साल अप्रैल में मेटा की 'सुपरइंटेलिजेंस लैब' के साथ जुड़े थे। लेकिन महज 5 महीने काम करने के बाद ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया। इस फैसले की वजह बताते हुए उन्होंने लिखा कि 7.5 साल तक गूगल ब्रेन, डीपमाइंड और मेटा जैसी बड़ी कंपनियों में काम करने के बाद, अब मैं जिंदगी में एक अलग तरह का रिस्क (जोखिम) लेना चाहता हूं। मेटा की नौकरी छोड़ने के बाद ऋषभ अब Periodic Labs नाम के एक नए एआई स्टार्टअप से बतौर फाउंडिंग मेंबर जुड़ चुके हैं।