औद्योगिक निवेश के लिहाज से उन्नाव की तकदीर पलटने वाली है. यहां
दुबई के शेख अहमद ने निवेश के क्षेत्र में बड़ी पहल की है. यहां गंगा एक्सप्रेसवे
के किनारे बिछ रहे औद्योगिक कॉरिडोर में 316
हेक्टेयर के फ़ेज‑2 का काम तेज़ी से शुरू हो चुका है.
इसमें दुबई के शेख अहमद बिन माना बिन खलीफा अल मकतूम द्वारा समर्थित Aquabridge
Holdings समेत दो बड़े निवेशकों द्वारा पहले ही ₹5,000
करोड़ का निवेश किया जा चुका है और आगे की योजना अब और क्रांतिकारी होने जा रहे
हैं. इस आर्टिकल में जानते हैं कि शेख अहमद कौन हैं और कैसे बहुरेंगे उन्नाव के
दिन?
शेख अहमद कौन हैं?
शेख अहमद बिन माना बिन खलीफा अल मकतूम, दुबई
की शाही अल-मकतूम राजघराने से संबंध रखते हैं और Aquabridge Holdings के
चेयरमैन हैं. Aquabridge मुख्य रूप से एक्वाकल्चर, मछली
पालन में सक्रिय है और वैश्विक स्तर पर जल कृषि परियोजनाओं का संचालन करता है.
फेज‑2
इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की रूप‑रेखा
यू.पी. एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) ने
फ़ेज‑2 के लिए 316 हेक्टेयर जमीन को मंजूरी दी है. यह
क्षेत्र Ganga Expressway और लखनऊ‑कानपुर हाईवे से उत्तम जुड़ाव
रखता है, जिससे लॉजिस्टिक्स और ढुलाई में तेज़ी
आएगी.
निवेश और आर्थिक संभावनाएं बढ़ेंगी
पहले शुरू किये गए ₹5,000 करोड़ के निवेश में दो कारोबार खड़े
हो चुके हैं. अब सीनियर अधिकारियों द्वारा फ़ेज‑2 को
मंजूरी दी गई, और जल्द कम‑ से‑ कम दो अंतरराष्ट्रीय
और तीन राष्ट्रीय कंपनियां इस कॉरिडोर में शामिल होने की राह देख रही हैं. निवेश
से अनुमानित 200+ उद्योग लगेंगे और इससे 2
लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है.
कैसे बढ़ेगा लाभ?
1. रोजगार में बाढ़- थोक‑लकड़ी, मछली‑खाद, फिश
हचरी, R&D सेंटर, मार्केटिंग, लॉजिस्टिक्स
जैसे कई सेक्टर्स में रोज़गार सृजन होगा.
2. आयात का विकल्प- मछली, फीड
और कृषि उत्पादों में घरेलू उत्पादन बढ़कर विदेश आयात की निर्भरता कम होगी.
3. स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी - ग्रामीण अर्थव्यवस्था में स्थाई
बदलाव आएगा, किसानों के लिए भी नई आमदनी के अवसर
खुलेंगे.
4. इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास- स्किल केंद्र, विद्युत, पानी, रोड-ड्रेन
सिस्टम सहित नए औद्योगिक क्लस्टर तैयार होंगे.
सरकार की तैयारी कहां तक पहुंची
मुख्य सचिव मनोज शंकर सिंह ने हाल ही में साइट का दौरा कर फ़ेज‑2 की
मंजूरी दी. DM और SDM द्वारा
जमीन अधिग्रहण और वितरण के काम शुरू कर दिए गए हैं. गंगा एक्सप्रेसवे के साथ-साथ
लखनऊ-कानपुर हाईवे और रेलवे नेटवर्क के साथ सिंक करने की योजना भी बन रही है.
शेख अहमद के नेतृत्व में हो रहा यह निवेश सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि
उन्नाव के लिए डीबी तक का सबसे बड़ा औद्योगिक अभियान हो सकता है. जहां ₹4,000 करोड़
से उत्पन्न विकास, रोजगार और समृद्धि की संभावनाएं नई
दिशा पकड़ेंगी.
अब यह देखा जाना है कि जमीन पर कब यह निवेश योजना यथार्थ बनकर उन्नाव
के लिए कल्याणकारी शक्ति बनकर उभरेगी.