
दुनिया भर में इस साल जनवरी से सितंबर तक चिकनगुनिया के केस में तेजी से इजाफा हुआ है। ये मामले बढ़कर 4.4 लाख से अधिक हो गए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की हालिया रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि इस दौरान चिकनगुनिया के 155 लोगों की मौत हुई हैं। चिकनगुनिया का प्रकोप 40 देशों में देखने को मिला है। ऐसे देश भी शामिल हैं, जहां पहले से मामलों की संख्या ज्यादा नहीं थी। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से सितंबर 2025 के बीच कुल 4,45,271 लोग चिकनगुनिया से संक्रमित हुए हैं।
30,876 संदिग्ध केस और 1,741 पुष्ट के केस दर्ज किए गए
इस समय चिकनगुनिया के सबसे अधिक मामले अमेरिका में हैं, यहां पर 3,28,920 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। इसके बाद यूरोप का नंबर आता है। यहां पर फ्रांसीसी ओवरसीज क्षेत्रों से 56,456 मामलों सामने आए हैं। इस इलाके में 40 लोगों की मौत हुई है।
भारत में 1 जनवरी से 31 मार्च 2025 के बीच, कुल 30,876 संदिग्ध केस और 1,741 पुष्ट के केस दर्ज किए गए हैं। इस बीमारी के सबसे अधिक केस महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु से सामने आए हैं। हालांकि, भारत में अब तक चिकनगुनिया से कोई मौत दर्ज नहीं हुई है।
हर साल करीब 51 लाख लोग इस बीमारी के जोखिम में रहेंगे
ब्रिटिश मेडिकल जर्नल (बीएमजे) ग्लोबल हेल्थ में प्रकाशित एक नए शोध से सामने आया है कि दुनिया में हर साल लगभग 1.40 करोड़ लोग चिकनगुनिया से संक्रमित होने के खतरे से जूझ रहे हैं। इस अध्ययन की अगुवाई लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन के वैज्ञानिकों ने किया है। उन्होंने कहा है कि भारत में चिकनगुनिया का सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिल सकता है। अनुमान है कि भारत में हर साल करीब 51 लाख लोग इस बीमारी के जोखिम में रहेंगे।
ब्राजील और इंडोनेशिया भी इस बीमारी से बहुत प्रभावित हो सकते हैं। भारत और ब्राजील में होने वाले मामले दुनिया के आधे से ज्यादा चिकनगुनिया के मामलों और स्वास्थ्य प्रणाली पर पड़ने वाले दबाव को लेकर जिम्मेदार हो सकते हैं। यह बीमारी एडीज नाम के मच्छर के काटने से फैलती है। यह बच्चों, बूढ़ों, और पहले से बीमार लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।