उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के तिंदवारी थाना क्षेत्र के गांव धौंसड़ के दो मछुआरों, चांदबाबू और लक्ष्मण की है, जो पिछले पांच वर्षों से पाकिस्तान की कराची जेल में बंद हैं. यह मामला हाल ही में एक भावुक पत्र के माध्यम से फिर से सुर्खियों में आया है, जिसे उनके परिवारों तक पहुंचाया गया है. क्या है इस पत्र में आइए जानते हैं-
पत्र में क्या लिखा है?
पत्र में यह लिखा है कि पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने चांदबाबू और लक्ष्मण को 2023 में ही बरी कर दिया था और पाकिस्तानी सरकार भी उनकी रिहाई के लिए तैयार है. हालांकि भारत सरकार वजह से वो अभी भी पाकिस्तानी जेल में बंद हैं.
गिरफ्तारी का कारण
परिजनों के अनुसार, चांदबाबू और लक्ष्मण गुजरात में मछली पकड़ने के दौरान तेज हवाओं की वजह से अनजाने में पाकिस्तान की समुद्री सीमा में प्रवेश कर गए थे. इस पर पाकिस्तानी सीमा सुरक्षा बल ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और कराची जेल भेज दिया.
परिवार की अपील
दोनों के परिजनों ने भारत सरकार और विशेष रूप से कांग्रेस नेता राहुल गांधी से आग्रह किया है कि वो इस मामले में हस्तक्षेप कर दोनों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाने में मदद करें. परिजनों के अनुसार, पत्र में लिखा गया है कि पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने चांदबाबू और लक्ष्मण को बरी कर दिया है और पाकिस्तानी सरकार भी उनकी रिहाई को तैयार है, लेकिन भारत की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
पांच साल से ज्यादा समय बीता
पांच साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन चांदबाबू और लक्ष्मण की रिहाई नहीं हो पाई है. उनके परिजनों ने सरकार से गुहार लगाई है कि वो इस मामले में हस्तक्षेप करें और दोनों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाने में मदद करें. यह मामला एक बार फिर से चर्चा में आया है और उम्मीद जताई जा रही है कि भारत सरकार इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करेगी.