
Hariyali Teej 2025 : भारतीय संस्कृति में तीज त्यौहारों का विशेष स्थान है, खासकर हरियाली तीज, जो उत्तर भारत में विवाहित महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. यह पर्व विशेष रूप से भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन की खुशी में मनाया जाता है, और सुहागिन स्त्रियाँ इस दिन व्रत रखकर अपने पति की लंबी उम्र और वैवाहिक सुख की कामना करती हैं.
इस पर्व से जुड़ी कई पारंपरिक रस्में होती हैं, जिनमें से एक महत्वपूर्ण रस्म है "तीज का सामान" देना. अक्सर यह सवाल उठता है कि बहू को तीज का सामान कौन देता है और क्यों? आइए इसका विस्तार से समझते हैं.
बहू को तीज का सामान कौन देता है?
हरियाली तीज पर विवाहित महिलाओं को उनके मायके (माता-पिता) की ओर से विशेष रूप से तीज का सामान भेजा जाता है. इसे "सिंजारा" या "सिंदारा" भी कहा जाता है. यह परंपरा विशेष रूप से उत्तर भारत – राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में निभाई जाती है.
इस सामान में आमतौर पर ये चीजें शामिल होती हैं:
हरे या चटख रंग के कपड़े
श्रृंगार का सामान (चूड़ियाँ, बिंदी, मेहंदी, काजल आदि)
मिठाइयाँ (गुझिया, घेवर, लड्डू आदि)
पूजा की सामग्री
कुछ स्थानों पर सोने-चाँदी का आभूषण भी शामिल किया जाता है
इसके पीछे की मान्यता क्या है?
इस रिवाज़ के पीछे माता-पिता का आशीर्वाद और प्रेम छिपा होता है. वे चाहते हैं कि उनकी बेटी अपने ससुराल में भी खुश रहे, तीज जैसे त्योहार को पूरे हर्ष और सम्मान के साथ मना सके. यह सामान एक तरह से बेटी के लिए मायके का प्यार होता है जो त्योहार के रूप में उस तक पहुँचता है.
माना जाता है कि माता पार्वती ने भी भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तप किया था और तीज के दिन ही उन्हें शिव जी का साथ मिला था. इसी भावना को दर्शाने के लिए विवाहित महिलाएं इस दिन श्रृंगार करके, व्रत रखकर और पूजा करके अपने वैवाहिक जीवन की शुभता बनाए रखने की कामना करती हैं. मायके से आया तीज का सामान न केवल परंपरा है बल्कि भावनाओं का आदान-प्रदान भी है. यह बेटी और माता-पिता के रिश्ते की गहराई और उनके स्नेह को दर्शाता है.
हरियाली तीज न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी एक गहरा महत्व रखता है. बहू को मायके से तीज का सामान भेजना केवल एक रस्म नहीं, बल्कि बेटी के प्रति प्रेम, दायित्व और आशीर्वाद की अभिव्यक्ति है. इस परंपरा को निभाते हुए समाज में पारिवारिक मूल्यों को भी संजोकर रखा जाता है.