5 जून का दिन सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए इस बार ऐतिहासिक और धार्मिक संयोग लेकर आया है. यह दिन राम मंदिर आंदोलन में गोरक्षपीठ की भूमिका, अयोध्या के विकास और शुभ मुहूर्त के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है. इस दिन को न केवल उनके जन्मदिन के रूप में, बल्कि एक धार्मिक और सांस्कृतिक पुनः जागरण के रूप में देखा जा रहा है. ऐसा क्यों आइए आपको बताते हैं-
5 जून को है सीएम योगी का जन्मदिन
5 जून का दिन सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए खास है. क्योंकि यह न केवल उनका जन्मदिन है, बल्कि इस दिन अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा भी हो रही है. इस दिन का धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व भी है.
विश्व पर्यावरण दिवस और योगी का जुड़ाव
5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का अवसर है. सीएम योगी का जन्मदिन इस दिन होने से यह दिन उनके लिए विशेष है. उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के कई प्रयास किए गए हैं. जैसे- वृक्षारोपण अभियान और जल संरक्षण योजनाएं.
राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा
इस बार 5 जून यानी गंगा दशहरा पर अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में राम दरबार और अन्य पूरक मंदिरों में देवी-देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा होगी, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि होंगे. यह आयोजन न केवल उनके आध्यात्मिक उत्तरदायित्व को दर्शाता है, बल्कि गोरक्षपीठ की ऐतिहासिक भूमिका को भी उजागर करता है, जिसने राम मंदिर आंदोलन में केंद्रीय भूमिका निभाई है.
अयोध्या का कायाकल्प, योगी का संकल्प
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या का कायाकल्प हो रहा है. राम मंदिर के निर्माण के साथ-साथ शहर में पर्यटन, सड़कों, एयरपोर्ट, नदी तट विकास और अन्य धार्मिक स्थलों का निर्माण हो रहा है. सीएम योगी का अधोध्या से लगाव इस बात से ही स्पष्ट है कि योगी खुद 100 से अधिक बार अयोध्या जाकर प्रगति की निगरानी कर चुके हैं. उनका स्पष्ट लक्ष्य है कि अयोध्या धार्मिक पर्यटन की वैश्विक राजधानी बने.