Hickups Reasons: अक्सर खाना खाते समय, किसी से बातचीत करते समय या ऑफिस मीटिंग के बीच अचानक हिचकी आनी शुरू हो जाती है, एक या दो बार आए तो हंसी आती है, लेकिन जब यह रुकने का नाम नहीं लेती है, तो खीझ होने लगती है। पुराने जमाने में कहा जाता था कि जब कोई याद करता है, तब हिचकी आती है। हालांकि विज्ञान की नजर से देखें तो इसका कारण कोई याद नहीं, बल्कि हमारे शरीर के अंदर होने वाली एक छोटी सी गड़बड़ी है।
क्यों आती है हिचकी
बता दें कि हमारे पेट और छाती के बीच एक चौड़ी मांसपेशी होती है, जिसे डायफ्राम कहा जाता है। जब हम सांस लेते हैं, तो यह नीचे की तरफ जाती है और सांस छोड़ते समय वापस अपनी जगह आ जाती है। जब डायाफ्राम में अचानक कोई झटका या अकड़न आ जाती है, तो हवा बहुत तेजी से गले के अंदर खिंचती है। इस दौरान गले में मौजूद वोकल कॉर्ड अचानक बंद हो जाता है, जिससे हिच की खास आवाज निकलती है।
क्यों होती है डायाफ्राम में यह हलचल?
हड़बड़ी में भोजन करना
चटपटा व तीखा खाना
कोल्ड ड्रिंक्स या सोडा पीना
तापमान में अचानक बदलाव (धूप से आकर तुरंत बर्फ का पानी पीना या गर्म चाय के बाद ठंडा पानी पीना)
हंसना या तनाव
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हिचकी रोकने के आसान घरेलू उपाय
सांस रोककर रखें- एक लंबी सांस अंदर खींचें और जितनी देर हो सके रोकें। इससे फेफड़ों में कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ती है और डायाफ्राम शांत होता है।
ठंडा पानी पिएं- धीरे-धीरे एक दो घूंट ठंडा पानी पीने से गले की नसें सक्रिय होती है और हिचकी का चक्र टूटता है।
एक चम्मच चीनी- जीभ पर चीनी रखकर धीरे-धीरे गलने दें। इसका मीठा स्वाद दिमाग का ध्यान भटका देता है।
नींबू और काला नमक- नींबू की फांक पर काला नमक या चाट मसाला लगाकर चूसने से तुरंत राहत मिलती है।
कान बंद करके पानी पिएं- कानों को कुछ सेकेंड बंद रखकर पानी की घंटू भरने से गले की नसों को आराम मिलता है।