ऑस्ट्रेलिया में हर हफ्ते सैलरी मिलने का सिस्टम क्यों है? : ऑस्ट्रेलिया के बारे में अक्सर यह सुनने को मिलता है कि वहां कर्मचारियों को हर हफ्ते सैलरी मिलती है. यह बात काफी हद तक सच है, लेकिन पूरी तरह नहीं। ऑस्ट्रेलिया में कर्मचारियों को अलग-अलग “पे साइकिल” के आधार पर भुगतान किया जाता है. कई कंपनियां कर्मचारियों को हर सप्ताह वेतन देती हैं, जबकि कुछ कंपनियां 15 दिन या महीने में एक बार भी भुगतान करती हैं। वहां सबसे ज्यादा प्रचलित सिस्टम “फोर्टनाइटली पे” यानी हर दो हफ्ते में वेतन देने का माना जाता है। फिर भी रिटेल, हॉस्पिटैलिटी, ट्रेड और शिफ्ट आधारित नौकरियों में साप्ताहिक सैलरी बहुत आम है.
ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था और काम करने का तरीका इस सिस्टम के पीछे सबसे बड़ा कारण माना जाता है. वहां बड़ी संख्या में लोग घंटों के हिसाब से काम करते हैं। यानी कर्मचारी जितने घंटे काम करता है, उसी के आधार पर भुगतान तय होता है। ऐसे में हर सप्ताह वेतन देने से कर्मचारियों को तुरंत पैसा मिल जाता है और कंपनियों को ओवरटाइम या अतिरिक्त घंटों का हिसाब रखने में आसानी होती है। खासकर कैजुअल और शिफ्ट कर्मचारियों के लिए यह व्यवस्था अधिक सुविधाजनक मानी जाती है.
विशेषज्ञों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया में जीवन-यापन का खर्च काफी ज्यादा है। घर का किराया, ट्रांसपोर्ट, बिजली और खाने-पीने का खर्च साप्ताहिक आधार पर चलता है. इसलिए वहां लोगों को हर हफ्ते या हर दो हफ्ते में पैसा मिलने से बजट संभालना आसान होता है। यही कारण है कि कर्मचारी भी इस सिस्टम को पसंद करते हैं। कई रिपोर्टों में बताया गया है कि नियमित और जल्दी भुगतान होने से कर्मचारियों पर आर्थिक दबाव कम पड़ता है.
ऑस्ट्रेलिया में सरकार ने भी वेतन भुगतान को लेकर स्पष्ट नियम बनाए हैं। “फेयर वर्क” कानून के तहत कंपनियों को कर्मचारियों को कम से कम महीने में एक बार भुगतान करना जरूरी होता है, लेकिन अधिकांश कंपनियां इससे अधिक तेज पेमेंट साइकिल अपनाती हैं। यही वजह है कि वहां साप्ताहिक और फोर्टनाइटली सैलरी सिस्टम काफी लोकप्रिय हो गया.
भारत और ऑस्ट्रेलिया के वेतन सिस्टम में बड़ा अंतर यह भी है कि भारत में अधिकतर कंपनियां मासिक वेतन देती हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया में नकदी प्रवाह और कर्मचारी सुविधा को ज्यादा महत्व दिया जाता है। वहां टैक्स और वेतन की गणना भी साप्ताहिक या वार्षिक आधार पर आसानी से की जाती है। इसी कारण यह सिस्टम लंबे समय से सफल माना जाता है.