Online Food Delivery Viral Bill: आजकल ग्रॉसरी हो या रेस्टोरेंट का गर्मागर्म खाना सब कुछ मोबाइल ऐप के जरिए मिनटों में घर पहुंच जाता है। न ट्रैफिक में फंसने की झंझट, न तैयार होने की झंझट और न ही टेबल बुक करने का टेंशन होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस सुविधा के बदले आप बहुत ज्यादा पैसे चुका रहे हैं?
रेस्टोरेंट का बिल किया शेयर
हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर @idlebrainjeevi नाम के यूजर ने एक बिल शेयर किया, जिसमें दिखाया कि कैसे उन्हें एक ही तरह के पकवान की अलग-अलग कीमतें चुकानी पड़ीं, जब उन्होंने ऑनलाइन ऑर्डर किया और जब रेस्टोरेंट में बैठकर खाना खाया।
वायरल पोस्ट से खुली पोल
हैदराबाद के एक रेस्टोरेंट के इस वायरल बिल में यूजर ने 3 चीजें नेय्यी कारम अनियन डोसा, नेय्यी पोंगल और फिल्टर कॉफी ऑर्डर की थी। इन तीनों चीजों को रेस्टोरेंट में बैठकर खाने पर 230 रुपये का बिल आया। लेकिन जब उन्होंने फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Swiggy पर वही चीजें ऑर्डर कीं, तो बिल 436 रुपये का बना। यानी, दोनों की बीच 206 रुपये का अंतर था। इस सोशल मीडिया पोस्ट पर तरह-तरह के कमेंट्स आ रहे हैं।
Difference between visiting the outlet and using Swiggy! pic.twitter.com/mH4exEGu67
— idlebrain jeevi (@idlebrainjeevi) September 13, 2026
ऑनलाइन खाना क्यों पड़ता है महंगा
ऑनलाइन खाना इसलिए रेस्टोरेंट के मुकाबले महंगा पड़ता है क्योंकि बेस मेन्यू के प्राइस में हेरफेर होता है। Swiggy और Zomato जैसे ऐप्स हर ऑर्डर पर रेस्टोरेंट से 18% से 28% तक कमीशन लेते हैं, अपना मुनाफा बचाने के लिए रेस्टोरेंट वाले ऐप पर खाने की मूल कीमत ही 20% से 40% तक बढ़ाकर लिस्ट करते हैं।
पैकेजिंग चार्ज
अगर आप रेस्टोरेंट में बैठकर खाते हैं, तो आपको रेस्टोरेंट में क्रॉकरी का कोई अलग चार्ज नहीं देना होता, लेकिन ऑनलाइन ऑर्डर पर आपसे 20 से 50 रुपये तक कंटेनर व पैकेजिंग चार्ज वसूला जाता है।
डिलीवरी चार्ज और प्लेटफॉर्म फीस
अगर आपके पास ऐप का प्रीमियम सब्सक्रिप्शन नहीं है, तो फिर दूरी के हिसाब से आपको 35 से लेकर 80 रुपये तक का डिलीवरी चार्ज देना पड़ता है। बारिश, लेट नाइट या त्योहारों पर यह चार्ज और बढ़ जाता है। साथ ही प्लेटफॉर्म फीस भी अलग से जुड़ती है। साथ में जब ऐप पर खाने की मूल कीमत बढ़ाई जाती है, तो उस बढ़ी हुई कीमत पर 5% से 18% की दर से GST भी लगता है।