Fatty Liver in Children: पहले फैटी लिवर की समस्या सिर्फ बड़े-बुजुर्गों में देखने को मिलती थी, लेकिन अब छोटे बच्चे भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। डॉक्टर के मुताबिक बच्चों में फैटी लिवर के मामले बढ़ने का सबसे बड़ा कारण उनकी बदलती लाइफस्टाइल है। तो आइए जानते हैं इसके लक्षण क्या है और इससे बचाव के क्या उपाय है।
क्यों बढ़ रही बच्चों में ये समस्या
बच्चों में फैटी लिवर का प्रमुख कारण अधिक वजन और मोटापा है। जब बच्चे जरूरत से ज्यादा कैलोरी, चीनी और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट वाला खाना खाते हैं, तो शरीर का अतिरिक्त फैट लिवर की कोशिकाओं में जमा होने लगता है। बता दें, पैकेज्ड स्नैक्स, कोल्ड ड्रिंक्स, जंक फूड और ज्यादा चीनी वाली चीजें इस बीमारी का खतरा बढ़ा देती है।
फिजिकल एक्टिविटी में कमी
इसके अलावा फिजिकल एक्टिविटी में कमी भी फैटी लिवर का कारण बन रही है। मोबाइल, टीवी और वीडियो गेम के कारण बच्चों का स्क्रीन टाइम बढ़ गया है, जिससे उनकी आउटडोर एक्टिविटी और खेलकूद काफी कम हो गए हैं। साथ ही कुछ बच्चों में फैटी लिवर की समस्या जेनेटिक वजहों से भी हो सकती है।
फैटी लिवर के लक्षण
शुरुआती चरण में फैटी लिवर के कोई साफ लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। हालांकि कुछ बच्चों में लगातार थकान महसूस होना, पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में हल्का दर्द या असहजता और तेजी से वजन बढ़ना इसके लक्षण हो सकते हैं। लेकिन केवल लक्षणों के आधार पर इसका पता लगाना मुश्किल है। यह समझना जरूरी है कि हर मोटे बच्चे को फैटी लिवर नहीं होता और हर फैटी लिवर वाला बच्चा मोटा हो, यह भी जरूरी नहीं है। लेकिन ज्यादा वजन, पेट के आसपास ज्यादा चर्बी और खराब खान-पान वाले बच्चों में इसका जोखिम ज्यादा रहता है।
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बचाव के आसान उपाय
बच्चों की डाइट में पौष्टिक खाना शामिल करें और पैकेज्ड या मीठी चीजों से दूर रखें। बच्चों को रोजाना फिजिकल एक्टिविटी या मैदानी खेलों के लिए प्रेरित करें। साथ ही अगर बच्चे का वजन अचानक बढ़ रहा हो, तो समय पर जांच करवाएं।