Vaibhav Suryavanshi: अंडर 19 एशिया कप में जिस वैभव सूर्यवंशी से करोड़ों फैंस को बड़ी पारी की उम्मीद थी, वही पाकिस्तान के खिलाफ आते ही जल्दी पवेलियन लौट गए। यूएई के खिलाफ 171 रन की रिकॉर्डतोड़ पारी खेलने वाले वैभव इस मैच में सिर्फ 6 गेंद में 5 रन बनाकर आउट हो गए। शुरुआत में एक चौका जरूर लगा, लेकिन इसके बाद मोहम्मद सैयाम की गेंद पर वह आसान सा कैच दे बैठे। जैसे ही उनका विकेट गिरा, मैदान और टीवी के सामने बैठे फैंस सन्न रह गए। बड़े मुकाबले में इतनी जल्दी आउट होना, वो भी इस तरह, हर किसी को चौंकाने वाला था।
पाकिस्तान के खिलाफ पुरानी कहानी
ये पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान के सामने वैभव का बल्ला खामोश रहा हो। इससे पहले एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट में भी वह पाकिस्तान ए टीम के खिलाफ 45 रन बनाकर आउट हो गए थे। उस टूर्नामेंट में भी यूएई के खिलाफ उन्होंने 144 रन की धमाकेदार पारी खेली थी, लेकिन बाकी टीमों के खिलाफ वह कुछ खास नहीं कर पाए थे। ओमान के खिलाफ 12 रन और बांग्लादेश ए के खिलाफ 38 रन ही बना सके थे। आंकड़े साफ बताते हैं कि वैभव कमजोर टीमों के खिलाफ खुलकर खेलते हैं, लेकिन पाकिस्तान के सामने कहीं न कहीं दबाव में आ जाते हैं।
सोशल मीडिया पर मचा हंगामा
वैभव के आउट होते ही सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। कुछ फैंस ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया और कहा कि वह सिर्फ छोटी टीमों के खिलाफ ही रन बनाते हैं। कई पोस्ट में पिछले दोनों टूर्नामेंट के आंकड़े गिनाए गए और यूएई के खिलाफ बनाए गए रनों को बार-बार याद दिलाया गया। हालांकि कुछ समझदार फैंस ने उनका बचाव भी किया। उनका कहना था कि वैभव सिर्फ 14 साल के हैं और हर मैच में रन बनाना आसान नहीं होता। फिर भी सच यही है कि पाकिस्तान के खिलाफ उनका रिकॉर्ड अब सवाल खड़े करने लगा है।
आगे क्या करेंगे वैभव सूर्यवंशी?
अगर वैभव सूर्यवंशी की पिछली 10 पारियों पर नजर डालें तो तस्वीर साफ हो जाती है। इसमें दो वनडे और आठ टी20 पारियां शामिल हैं। वनडे में एक तरफ 171 रन की ऐतिहासिक पारी है तो दूसरी तरफ पाकिस्तान के खिलाफ सिर्फ 5 रन। टी20 की 8 पारियों में उन्होंने 247 रन बनाए हैं, जिसमें 108 रन की एक बड़ी पारी शामिल है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैभव में टैलेंट की कोई कमी नहीं है, बस बड़े मुकाबलों में धैर्य की जरूरत है। आईपीएल 2025 में उन्होंने सीनियर गेंदबाजों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था। अब देखना यह है कि आने वाले मैचों में वह इस दबाव को कैसे संभालते हैं और अपने आलोचकों को बल्ले से जवाब दे पाते हैं या नहीं।