1 दिसंबर 2025 को साउथ सुपरस्टार सामंथा रूथ प्रभु ने फिल्ममेकर राज निदिमोरु के साथ ऐसा विवाह किया, जिसके बारे में जानकर हर कोई हैरान है। यह न पारंपरिक फेरे थे, न बैंड-बाजा बारात—बल्कि एक गहन योगिक परंपरा ‘भूत शुद्धि विवाह’ थी। कोयंबटूर स्थित लिंग भैरवी मंदिर में सम्पन्न इस आध्यात्मिक रस्म ने दो जीवनों को पांच तत्वों के संतुलन और ऊर्जा के पवित्र मिलन से जोड़ दिया। सामंथा की तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर भावनाओं की लहर पैदा कर दी।
क्या है भूत शुद्धि विवाह?
भूत शुद्धि विवाह एक अनूठी योगिक प्रक्रिया है, जिसमें दूल्हा और दुल्हन को शरीर के पांच मूल तत्व—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—से ऊर्जावान और संतुलित रूप से जोड़ा जाता है। यह विवाह केवल भावनात्मक या सामाजिक संबंध नहीं, बल्कि दो आत्माओं के बीच तात्विक स्तर पर स्थापित होने वाला पवित्र बंधन माना जाता है। इसका उद्देश्य रिश्ते में स्थिरता, सामंजस्य और आध्यात्मिक संयोग लाना है।
कैसे होता है यह विशेष अनुष्ठान?
यह विवाह पवित्र लिंग भैरवी मंदिर में किया जाता है।
सुबह ऊर्जा के चरम समय पर अनुष्ठान शुरू होते हैं।
युगल अग्नि के चारों ओर पांच विशेष फेरे लेते हैं—हर फेरा एक तत्व का प्रतीक होता है।
मंत्रोच्चारण, देवी का आह्वान और तत्वों के शुद्धिकरण की प्रक्रिया इस विवाह को साधारण से असाधारण बना देती है।
अंत में दुल्हन को देवी से जुड़े पेंडेंट और हल्दी का मंगलसूत्र पहनाया जाता है।
इस पूरी विधि का माहौल इतना शांत और ऊर्जावान होता है कि केवल युगल ही नहीं, बल्कि वहां मौजूद हर व्यक्ति आध्यात्मिक स्पर्श को महसूस करता है।
कौन कर सकता है यह विवाह?
यह सिर्फ नए जोड़ों के लिए नहीं है—पहले से विवाहित दंपत्ति भी अपने रिश्ते को और गहरा करने के लिए इसे कर सकते हैं। सालगिरह, विशेष अवसर या जीवन के नए अध्याय की शुरुआत में भी यह अनुष्ठान कराया जा सकता है। केवल गर्भवती दुल्हन के लिए यह प्रक्रिया नहीं की जाती।
कैसे होती है बुकिंग?
इच्छुक जोड़े आधिकारिक पोर्टल पर जाकर तारीख चुन सकते हैं। वहां ड्रेस कोड, नियम और तैयारी की पूरी जानकारी मिलती है। विवाह की फोटोग्राफी स्वयं करने की अनुमति नहीं होती, लेकिन आयोजन की ओर से प्रोफेशनल टीम फोटो और वीडियो उपलब्ध कराती है।
भूत शुद्धि विवाह बनाम लिंग भैरवी विवाह
भूत शुद्धि विवाह: पांच तत्वों की शुद्धि, नए और पुराने दोनों जोड़ों के लिए उपयुक्त।
लिंग भैरवी विवाह: नए जोड़ों के लिए अधिक लोकप्रिय, देवी के आशीर्वाद और पारंपरिक ऊर्जा पर केंद्रित।