PM मोदी की 19 मई 2026 को नॉर्वे यात्रा के दौरान ओस्लो में विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में नॉर्वे की एक पत्रकार और MEA के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज के बीच तीखी बहस हो गई। नॉर्वे की पत्रकार ने अंग्रेजी में बार-बार टोकते हुए पूछा,"हम भारत पर भरोसा क्यों करें? क्या आप वादा कर सकते हैं कि आप अपने देश में होने वाले मानवाधिकारों के उल्लंघन को रोकने की कोशिश करेंगे?" पत्रकार ने भारत में प्रेस की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों पर सवाल उठाए।
MEA सचिव सिबी जॉर्ज का दो-टूक जवाब
1993 बैच के IFS अधिकारी सिबी जॉर्ज ने उसी पत्रकार को लोकतंत्र का पाठ पढ़ा दिया। "आप जानते हैं यहां कितनी कहानियां सामने आती हैं। हर शाम हमारे पास कितनी ब्रेकिंग न्यूज आती हैं। अकेले दिल्ली में ही अंग्रेजी, हिंदी और कई भाषाओं में कम से कम 200 टीवी चैनल हैं। लोगों को भारत के विशाल दायरे का अंदाजा नहीं है। वे किसी गुमनाम और अज्ञानी NGO से एक-दो खबरें पढ़ते हैं और फिर आकर सवाल पूछते हैं।"
"भारत का संविधान सभी नागरिकों को मौलिक अधिकारों की गारंटी देता है और अधिकारों के उल्लंघन के मामलों में कानूनी उपचार भी देता है।" महिला अधिकारों पर "1947 में ही हमने अपनी महिलाओं को वोट देने की आजादी दे दी थी। मैं कई ऐसे देशों को जानता हूं, जहां महिलाओं को वोट देने का अधिकार भारत द्वारा यह आज़ादी दिए जाने के कई दशकों बाद मिला। ऐसा इसलिए है, क्योंकि हम समानता में विश्वास रखते हैं, हम मानवाधिकारों में विश्वास रखते हैं।"
लोकतंत्र की मिसाल:
"मानवाधिकारों का सबसे अच्छा उदाहरण क्या है? सरकार बदलने का अधिकार, वोट देने का अधिकार। भारत में यही हो रहा है। हमें इस बात पर बहुत गर्व है।"
और क्या बोले जॉर्ज?
जॉर्ज ने भारत की वैश्विक भूमिका याद दिलाई- कोविड-19 समेत वैश्विक संकटों में भारत की मदद का जिक्र किया। "चारों ओर देखिए...हर जगह भारत से जुड़ाव दिखेगा।" पत्रकार जवाब के दौरान बार-बार सचिव को टोकती रही। बहस इतनी बढ़ी कि रिपोर्टर प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर चली गई, फिर वापस आईसिबी जॉर्ज ने गंभीरता से जवाब दिया, जिसका वीडियो वायरल है।
कौन हैं सिबी जॉर्ज?
केरल के कोट्टयम के रहने वाले, 1993 बैच के IFS। वेटिकन सिटी में भारत के राजदूत रह चुके है।नॉर्वे की पत्रकार ने मानवाधिकारों पर भारत की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया। MEA ने दो-टूक कहा कि भारत का संविधान अधिकारों की गारंटी देता है, यहां 200+ टीवी चैनल हैं, 1947 से महिलाओं को वोट का हक है। जॉर्ज ने NGO की "एक-दो खबरों" पर सवाल उठाने वालों को भारत की हकीकत समझाई।