टीम इंडिया ने जिम्बाब्वे को 72 रन से हराकर सुपर 8 में अपनी दूसरी जीत दर्ज की, लेकिन जश्न पूरा नहीं हो पाया। वजह है पॉइंट्स टेबल का गणित। रन रेट थोड़ा सुधरा जरूर, मगर अभी भी स्थिति पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। साउथ अफ्रीका इस जीत के साथ सेमीफाइनल में पहुंच चुका है, जबकि भारत और वेस्टइंडीज बराबरी पर खड़े हैं। अब एक मुकाबला सब कुछ तय करेगा।
256 रन का पहाड़, फिर भी सवाल
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 256 रन बना दिए। यह टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सबसे बड़ा स्कोर है और भारत का नया रिकॉर्ड भी। अभिषेक शर्मा ने 30 गेंदों पर 55 रन बनाए, जबकि हार्दिक पांड्या ने 23 गेंदों पर नाबाद 50 रन ठोके। पूरी पारी में 17 छक्के लगे। लेकिन इसके बावजूद चर्चा जीत से ज्यादा समीकरणों की हो रही है।
गेंदबाजी पर उठे सवाल
जिम्बाब्वे 257 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 184 रन तक पहुंच गया। ब्रायन बेनेट ने 59 गेंदों पर 97 रन बनाए और भारतीय गेंदबाजों को परेशान किया। दोनों टीमों ने मिलकर 440 रन बनाए, जो इस मुकाबले को हाई स्कोरिंग बना गया। अर्शदीप सिंह ने 3 विकेट लिए, लेकिन बीच के ओवरों में गेंदबाजी उतनी प्रभावी नहीं दिखी, जितनी सेमीफाइनल की दावेदार टीम से उम्मीद होती है।
सूर्या और गंभीर की चिंता
कप्तान सूर्यकुमार यादव ने साफ कहा कि जीत के बावजूद सुधार की जरूरत है। उन्होंने माना कि बल्लेबाजी में योगदान मिला, लेकिन गेंदबाजी में और सटीकता चाहिए। कोचिंग रणनीति पर भी सवाल उठने लगे हैं। पहले मुकाबले की हार ने रन रेट बिगाड़ा और अब हर मैच नॉकआउट जैसा बन गया है।
पांड्या का बयान और असली फोकस
हार्दिक पांड्या ने भी माना कि हालात के हिसाब से खेलना पड़ा। उन्होंने कहा कि शुरुआत में ज्यादा जोर लगाया, लेकिन बाद में टाइमिंग पर ध्यान दिया। उन्होंने यह भी साफ किया कि टीम का ध्यान सिर्फ अपने खेल पर है। दबाव को संभालना होगा और सही रणनीति अपनानी होगी।
अब कोलकाता में होगा फैसला
अब समीकरण साफ है। भारत और वेस्टइंडीज के 2-2 अंक हैं। कोलकाता में होने वाला मुकाबला सेमीफाइनल का टिकट तय करेगा। जो जीतेगा वही आगे बढ़ेगा। 256 रन की जीत ने उम्मीद जगाई है, लेकिन असली परीक्षा अब बाकी है। सेमीफाइनल का दरवाजा खुला है, मगर चाबी सिर्फ एक जीत है।